गोरखपुर, जेएनएन। शहर में निजी अस्पतालों द्वारा लूट खसोट जारी है। मुख्यमंत्री के शहर में हो रही लूट खसोट में निजी अस्पतालों के प्रबंधकों में रत्तीभर भी भय नहीं है। यही कारण है कि गरीब मरीजों को ठगा जा रहा है। शहर के एक निजी अस्पताल पर आयुष्मान योजना के लाभार्थी मरीज से एक लाख रुपये लिए जाने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सीएमओ व अन्य अधिकारियों को पत्र भेजने के साथ ही जनसुनवाई पोर्टल शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में जिले के चौरीचौरा क्षेत्र निवासी नागेंद्र मौर्य ने कहा है कि उनके भाई आयुष्मान योजना के गोल्डेनकार्ड धारक हैं। बीते 23 मार्च को तबीयत खराब होने पर वह मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
यहां ब्रेन का सीटी स्कैन होने के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने 25 मार्च को मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मेडिकल कालेज में डाक्टरों ने दवा वापस भेज दिया। इसके बाद 26 मार्च को निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। यहां डाक्टर ने भर्ती कर लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने डाक्टर को गोल्डेन कार्ड दिखाया, इसके बावजूद एक अप्रैल तक अस्पताल में उनसे एक लाख रुपये वसूले गए। उधर अस्पताल के संचालक का कहना है कि मरीज ने अस्पताल पहुंचने के बाद न तो आयुष्मान योजना का लाभार्थी होने की जानकारी दी और न ही गोल्डेन कार्ड दिखाया। साथ ही फीस देने के साथ ही दवा भी खरीदते रहे।
अस्पताल छोड़ते समय उन्होंने गोल्डेन कार्ड दिखाया, लेकिन उस समय सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में गठित कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप की सत्यता की जांच की जा रही है। सप्ताह भीतर इसकी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

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