गोरखपुर, जेएनएन। पीपीगंज उपनगर के वार्ड संख्या तीन निवासी जवाहर यादव की मौत के मामले में विवेचक विनय पांडेय को एसएसपी डॉ. सुनील गुप्त ने सस्‍पेंड कर दिया है। पीडि़त परिवार ने एडीजी जोन दावा शेरपा से मिलकर विवेचक पर तहरीर बदलवाने और आरोपितों से सुलह कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। एडीजी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

जांच के बाद हुआ पर्दाफाश

इस बीच पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश सिंह ने घटना का पर्दाफाश करने का दावा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश का हवाला देते हुए उन्होंनेे बताया कि किसान की हत्या नहीं की गई थी बल्कि मारपीट और उत्पीडऩ की वजह से जवाहर ने खुदकशी की थी।

सभासद समेत दो गिरफ्तार

आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के आरोप में उपनगर के वार्ड संख्या तीन के सभासद अताउल्लाह और जमीन के कारोबारी इश्तियाक को हिरासत में लिया गया है। मामले में अभियुक्त बनाए गए रामानंद मद्धेशिया और राजा उर्फ फैंसी की घटना में कोई भूमिका होने का साक्ष्य नहीं मिला है।

जमीन अपने नाम कराने के लिए आरोपितों ने की थी पिटाई

जवाहर ने पीपीगंज उपनगर में स्थित अपनी जमीन पांच साल पहले 19 लाख रुपये बेची थी। इसी पैसे से महराजगंज के फरेंदा कस्बे में 10 बीघा जमीन खरीदी। आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान गवाही के बहाने सभासद अताउल्ला और रामानंद मद्धेशिया ने अपना नाम भी डलवा लिया था। जानकारी पर जवाहर ने मुकदमा किया तो फैसला उनके पक्ष में आया। आरोप है कि इसके बाद अताउल्लाह और रामानंद उन्हें जबरिया फरेंदा ले जाकर उनकी जमीन का अपने नाम से एग्रीमेंट करा लिया। जवाहर की पत्नी का आरोप है कि वही लोग उनके पति पर बिना रुपये दिए ही जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करने का दबाव बना रहे थे। इसके लिए तैयार न होने पर छह नवंबर को उन्होंने घर में घुसकर जवाहर की पिटाई कर दी थी। इसके बाद कमरे में उनकी लाश मिली।

रिश्वत मांगने की शिकायत पर चौकी इंचार्ज निलंबित

गोरखपुर शहर के पादरी बाजार चौकी इंचार्ज डॉ. महेंद्र कुमार को एसएसपी डॉ. सुनील गुप्त ने निलंबित कर दिया है। उन पर कच्‍ची शराब की कारोबारी महिला से रिश्वत मांगने का आरोप था। इसकी जांच कराने के बाद एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया। शाहपुर के बधिक टोला निवासी गुड्डू सिंह की पत्नी मुकरी पर कच्‍ची का धंधा करने का आरोप है। वह कहीं और से कच्‍ची लाकर बधिक टोले में बेचती है। पिछले दिनों चौकी इंचार्ज ने उसकी कच्‍ची की खेप पकड़ ली थी। आरोप है कि महिला पर कार्रवाई न करने के लिए वह एक लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। उसने इसकी लिखित शिकायत एसएसपी से की थी। एसएसपी ने आरोप की जांच का आदेश दिया था। इस बीच शिकायत किए जाने की जानकारी चौकी इंचार्ज को हो गई। उन्होंने मुकरी देवी को फोन कर न केवल काफी फटकार लगाई, बल्कि बाद में कच्‍ची शराब बेचने के जुर्म में उसका चालान कर दिया। महिला ने चौकी इंचार्ज की बात को रिकार्ड कर लिया था। एसएसपी से मिलकर उसने दोबारा उनकी शिकायत की और रिकार्डिंग भी सुना दिया। इस पर एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित करने का आदेश दिया। 

Posted By: Satish Shukla

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