गोरखपुर, जेएनएन : कहते हैं कि युवा ठान लें तो हर मंजिल प्राप्‍त कर लेते हैं। विपरीत परिस्थितियां भी उन्हें रोक नहीं पाती हैं। कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया ब्लाक के उत्साही युवाओं की टीम ने संकल्प लिया तो प्राचीन बगहीं धाम में स्थित मंदिरों पर आस्था का रंग चढ़ा दिया। केसरिया रंग में चमक रहे मंदिर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। क्षेत्र के लोग युवाओं के इस कार्य की सराहना कर रहे हैं। करीब 20 एकड़ में स्थित वैष्णव संप्रदाय का बगही धाम क्षेत्र के लोगों के लिए आस्‍था का केंद्र है। यहां के महंत राममणिक दास करीब साढ़े तीन सौ वर्ष पहले समाधि लिए थे। उनकी समाधि स्थल पर अनवरत धुनी जलती आ रही है। परिसर में हनुमान, ठाकुरजी, मां बागेश्वरी देवी का मंदिर है। एक किनारे बड़ा तालाब है, जिसमें खिले कमल के फूलों की छटा अनोखी दिखती है। बेहतर रख-रखाव न होने से मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में दिखाई दे रहे थे। महेंद्र पांडेय, रवि तिवारी, विवेक मिश्र के नेतृत्व में युवाओं की टीम ने मंदिर को नया स्वरूप देने की शुरुआत की तो कारवां बढ़ता गया। चुम्मन तिवारी, भीम यादव, गुड्डू साहनी, राजेंद्र साहनी, पारस शर्मा, गोबरी, लल्लन आदि ने भी सहयोग दिया। केसरिया रंग में चमक रहे मंदिरों का स्वरूप बदल गया है।

क्या कहते हैं युवा

जीर्णोद्धार टीम का नेतृत्व कर रहे महेंद्र ने कहा कि पूर्वांचल के प्राचीन मंदिरों में शुमार बगहीं धाम हिंदू धर्म की धरोहर है। यहां स्थित मंदिरों की दशा देख मन अशांत रहता था। ठान लिया कि मंदिर का कायाकल्‍प करेंगे। रवि ने कहा कि जब हम बाहर जाते थे तो वहां के मंदिरों की व्यवस्था व साफ-सफाई देख मन प्रसन्न हो जाता था। उसी प्रेरणा से अपने क्षेत्र के मंदिर का जीर्णोद्धार करने का मन में विचार आया। विवेक ने कहा कि अगर प्रशासन यहां के पोखरों की सफाई करवा दे तो आकर्षण और बढ़ जाएगा।

जीर्णोद्धार के लिए युवाओं की टीम ने किया प्रयास

महंत विश्वंभर दास ने कहा कि बगहीं धाम के जीर्णोद्धार के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने कई बार वादा किया, लेकिन किसी ने सार्थक पहल नहीं की। युवाओं की टीम ने अपने स्तर से प्रयास किया है। अगर परिसर का सुंदरीकरण करा दिया जाए तो यह पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।

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