गोरखपुर, जेएनएन। देवरिया जनपद के चर्चित मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संचालित बाल गृह बालिका मामले की जांच सीबीआइ ने तेज कर दी है। बुधवार को जांच को एक बार फिर सीबीआइ टीम के जिले में आने की बात कही जा रही है। सीबीआइ न्यायालय से कागजात लेने के साथ ही जिला प्रोवेशन कार्यालय भी जा सकती है। सीबीआइ की जांच की आंच में जिले में तैनात रहे कई बड़े अधिकारी भी तप सकते हैं।

छापेमारी में शामिल पुलिस वालों का भी बयान होगा दर्ज

तीन दिनों तक देवरिया जिले में रहने के बाद सीबीआइ शुक्रवार को लखनऊ चली गई। सीबीआइ को अभी न्यायालय से कागजात उपलब्ध नहीं हो सके हैं। मामले की जांच कर चुकी एसआइटी से कुछ कागजात सीबीआइ ने ले लिया है और उसका अवलोकन करने के बाद जिले में एक बार फिर उसके आने की तैयारी हो रही है। सूत्रों का कहना है कि पांच अगस्त 2018 को बाल गृह बालिका में छापेमारी कर लड़कियों को मुक्त कराने वाले पुलिस कर्मियों का भी सीबीआइ बयान दर्ज करने की तैयारी में है।

यह था मामला

देवरिया के स्टेशन रोड स्थित मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संचालित बाल गृह बालिका से एक किशोरी भागकर 5 अगस्त 2018 को तत्कालीन एसपी रोहन पी कनय के पास पहुंची और संस्था में होने वाले कार्य को बताया। दस बजे रात को एसपी ने संस्था के कार्यालय पर छापेमारी की और 23 लड़कियों को मुक्त कराने का दावा किया। रात में ही  बाल गृह बालिका कांड का पर्दाफाश कर दिया गया था।

Posted By: Satish Shukla

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