सीढ़ी तो कहीं पाथ-वे का हो रहा काम

कुशीनगर: गांवों में जल संरक्षण के लिए शुरू हुई अमृत सरोवर योजना लगभग साढ़े चार महीने बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। जिम्मेदारों की लापरवाही से धीमी गति से चल रहे निर्माण की वजह से कहीं सीढ़ी बन रही है तो कहीं पाथ-वे का निर्माण हो रहा है। अधिकारियों ने दावा किया कि अब तक लगभग चार करोड़ खर्च रुपये खर्च हो चुके हैं। अस्सी से नब्बे प्रतिशत पूर्ण हो चुके 175 सरोवरों पर 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया गया। सितंबर तक अधूरे कार्य पूर्ण होने की संभावना है। यह हाल कसया के गांव सिरसिया खोहियां, कुड़वा दिलीप नगर,बगलहा, मड़ार बिंदवलिया, महुअवां, पचफेड़ा, नौरंगिया, खजुरी, मठिया खुर्द का है, जबकि दुदही के गुरवलिया, रामकोला के पपउर, कुसम्ही, कुसम्हा, सुकरौली के खोट्ठा, हासखोर, देवकली, पगरा, मोहनपुर में सीढ़ी के निर्माण तक कार्य हुआ है। विशुनपुरा, दुदही, तमकुहीराज, सेवरही, कप्तानगंज,मोतीचक आदि गांवों में पाथ-वे का निर्माण हो रहा है। दूसरे चरण में 201 और बढ़ी संख्या जिले में अमृत सरोवर के लिए प्रथम चरण में 75 पोखरे ही बनाए जाने थे, लेकिन डेढ़ महीना बाद शासन स्तर पर 201 और पोखरों के निर्माण का लक्ष्य बढ़ा दिया गया। इस प्रकार कुल 276 में से अब तक 175 पोखरों को अमृत सरोवर बनाने की कवायद शुरू हुई है। सरोवर रमणीक बनाए जाएंगे। यहां सुबह-शाम ग्रामीण टहल सकेंगे। यहां पीपल, बरगद, नीम, आम, नीम के पौधे रोपे जाएंगे। मार्ग बेहतर बनाया जाएगा। वर्षा जल एकत्र करने के उपाय किए जाएंगे। शेष 101 सरोवकरों को 15 अगस्त 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यहां चल रहा सुंदरीकरण कार्य कसया के गांव सिरसिया खोहियां में जल संरक्षण के लिए अमृत सरोवर योजना से पोखरे की खोदाई और सुंदरीकरण के कार्य में तेजी आ गई है। 27.5 लाख की लागत वाली इस परियोजना में पोखरे की खोदाई, घाट निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। पाथ-वे का कार्य चल रहा है। पौधरोपण, बेंच, लाइटिंग, शौचालय, बाउंड्रीवाल का कार्य भी प्रगति पर है। गांव कुड़वा दिलीप नगर में भी निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। बीडीओ सुधा पांडेय ने बताया सिरसिया खोहियां और कुड़वा दिलीप नगर में कार्य अंतिमदौर में है। 175 सरोवर का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका हैं। इनमें पहले चरण के 75 व दूसरे चरण के 100 अमृत सरोवर शामिल हैं। पाथ-वे व सीढ़ी आदि का कार्य अंतिम दौर में है। अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए प्रधान व सचिवों को तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। सितंबर तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। राकेश कुमार, डीसी मनरेगा, कुशीनगर

Edited By: Jagran