गोरखपुर, जेएनएन। प्रतिबंधित प्लास्टिक के निर्माण की शिकायत पर सील की गई सात में से एक फैक्ट्री एसडी इंटरनेशनल प्रा. लि. का सील शुक्रवार को खोल दिया गया। तहसील प्रशासन के साथ पहुंचे गीडा के अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालक से 75 हजार रुपये जुर्माना वसूलते हुए बरामद 2425 क्विंटल प्रतिबंधित प्लास्टिक को फैक्ट्री में ही नष्ट करा दिया।

डीएम के निर्देश पर पड़ा था छापा

जिलाधिकारी के आदेश पर बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहजनवां सरनीत कौर ब्रोका व सदर प्रथमेश कुमार के नेतृत्व में गीडा की फैक्ट्रियों में छापा मारा गया था। छापेमारी के दौरान सात फैक्ट्रियों के अंदर से लगभग 3500 क्विंटल प्रतिबंधित प्लास्टिक बरामद हुआ था। फैक्ट्री संचालकों के तरफ से कोई कागज नहीं दिखाने पर फैक्ट्रियों को सील कर दिया था। शुक्रवार को नायब तहसीलदार सहजनवां के नेतृत्व में गीडा के अफसरों के साथ पहुंची टीम ने फैक्ट्री का सील खोलकर बरामद प्रतिबंधित प्लास्टिक के सामानों को नष्ट कराया दिया।

जुर्माना वसूलने के बाद नष्‍ट किया प्‍लास्टिक

नायब तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि जुर्माना वसूलने के बाद सील खोलकर प्रतिबंधित प्लास्टिक को नष्ट करा दिया गया। इस दौरान गीडा के परियोजना प्रबंधक संजय तिवारी, अवर अभियंता सिविल रामकुमार आदि उपस्थित रहे।

इन्होंने किया था प्रतिबंधित उत्पाद न होने का दावा

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहजनवां को एसएस इंडस्ट्रीज तथा कुसुम प्लास्टिक फैक्ट्री के संचालकों ने गुरुवार को प्रतिबंधित प्लास्टिक नहीं होने को लेकर प्रार्थनापत्र दिया, जिससे जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को भेज दिया।

ये फैक्ट्रियां हुई थीं सील

एएस इंडस्ट्रीज, एनवी इंडस्ट्रीज, ऐलेना प्लास्टिक, कुसुम प्लास्टिक, एसएस प्लास्टिक, फहद प्लास्टिक व  एसडी इंटरनेशनल प्रा.लि. को सील किया गया है। 

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