गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर से आनंद विहार जाने वाली 12595 हमसफर एक्सप्रेस में 16 सितंबर को 511 बर्थें खाली हैं। अगले दिन 688 बर्थों की बिक्री नहीं हो पाई है। गर्मी की छुट्टी और त्योहारों को छोड़ दिया जाए तो पूरी तरह वातानुकूलित हमसफर एक्सप्रेस अक्सर खाली ही चलती है। खाली बर्थों को बुक करने और घाटे से उबरने के लिए रेलवे बोर्ड ने हमसफर एक्सप्रेस के रेक में स्लीपर कोच जोड़कर चलाने का अहम निर्णय लिया है।

ट्रेन छूटने के दो घंटा पहले तक मिलेगी छूट

दिल्ली तक की यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत देने के लिए रेलवे बोर्ड ने हमसफर के नियमों में नीतिगत बदलाव किया है। स्लीपर कोच लगाने के अलावा किराये में भी रियायत दी जाएगी। ट्रेन छूटने के चार घंटे पहले चार्ट बनने के बाद अगर बर्थें खाली रहेंगी तो यात्रियों को अंतिम किराए में दस फीसद की छूट दी जाएगी। यह छूट ट्रेन छूटने के दो घंटे पहले तक मिलेगी।

20 फीसद टिकट तत्काल के लिए आरक्षित

इसके अलावा बोर्ड ने इस ट्रेन में भी अन्य एक्सप्रेस में मिलने वाली रियायतों को भी लागू करने की घोषणा की है। कुल बर्थ का 20 फीसद तत्काल के लिए आरक्षित रहेगा। भीड़ बढऩे पर हमसफर का तत्काल टिकट भी नहीं मिल पाता है। नए बदलावों को यथाशीघ्र लागू करने के लिए रेलवे बोर्ड ने समस्त जोनल कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

प्रतिदिन चलती है हमसफर

गोरखपुर से आनंदविहार के बीच रोजाना हमसफर एक्सप्रेस चलती है। दशहरा और दीपावली पर्व पर दिल्ली रूट की गोरखधाम आदि सामान्य ट्रेनें फुल हैं, वहीं हमसफर खाली है। अधिक किराया और पूरी तरह वातानुकूलित होने के चलते सामान्य यात्री हमसफर की यात्रा करने से कतराते हैं।

Posted By: Pradeep Srivastava

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