गोरखपुर, जेएनएन। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से बीएसए कार्यालय पर चल रहा क्रमिक अनशन खत्म हो गया। धरना स्थल पर बीएसए अरुण कुमार शुक्ल पहुंचे। संगठन के जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने 12 सूत्रीय मांग पत्र पर वार्ता की। बीएसए ने सभी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। उसके बाद शिक्षकों का आंदोलन खत्म हुआ।
जिलाध्यक्ष ने कहा, शिक्षक समस्याओं की अनदेखी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं होगी। बीईओ हर्रैया द्वारा संगठन पदाधिकारी और शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा था। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। तब जाकर विभाग ने बीईओ का स्थानांतरण किया। इसके अलावा अन्य समस्याओं पर यदि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से आंदोलन होगा।
राघवेंद्र प्रताप ¨सह, शैल शुक्ल, अभय सिंह यादव, इंद्रसेन मिश्र, चंद्रभान चौरसिया, त्रिलोकीनाथ, बब्बन पांडेय, राजीव शरण, प्रमोद ओझा, सर्वदेव सिंह, योगेश सिंह, विजय वर्मा, अनूप कुमार, राजेश कुमार, भाष्कर मिश्र, अजय चौधरी, राम गोपाल पाठक, अश्विनी कुमार पाठक, सुषमा सिंह, आभा सिंह, विंध्यवासिनी सिंह मौजूद रहे। शोषण का आरोप लगा मुखर हुए कंप्यूटर आपरेटर बस्ती जिले में विद्युत विभाग में लंबे समय से कार्यरत रहे कंप्यूटर आपरेटर को अचानक निकालने पर यहां के कर्मचारियों में आक्रोश है। शोषण का आरोप लगाते हुए कंप्यूटर आपरेटर मुखर हो गए हैं। समस्याओं से जुड़ी शिकायत मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के पास भेजते हुए पुन: कार्य पर लेने के लिए मांग उठाई है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर आफिस, अधीक्षण अभियंता कार्यालय समेत एक्सईएन के यहां लंबे समय से निजी संस्था की ओर से संविदा पर कंप्यूटर आपरेटर तैनात हैं।
सोमवार से बिना किसी पूर्व सूचना के कंप्यूटर आपरेटर को आफिस आने से रोक दिया गया। बताया जा रहा कि पिछले चार माह का बकाया मानदेय भी नहीं दिया गया है। यही नहीं दो साल से ईपीएफ कटौती का पैसा भी खाते में नहीं भेजा गया है। कंप्यूटर आपरेटर विनय कुमार मिश्र, सोनम जायसवाल, प्रतिमा श्रीवास्तव, सोहन सिंह, अमरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री, व ऊर्जा मंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा है कि पिछले 7 साल से विभाग में सेवा दे रहे हैं। पावर कार्पोरेशन के चारों वितरण कंपनियों में कंप्यूटर आपरेटर कार्यरत हैं। अकेले पूर्वांचल विद्युत वितरण कंपनी आपरेटरों को निकाल रही है जो गलत है। इससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। श्रम विभाग में भी मामला उठाने की तैयारी की जा रही है। चीफ इंजीनियर ओपी यादव ने कहा कि जो बकाया मानदेय है उसको दिलवाया जाएगा। ऊपर से आदेश के तहत ऐसा निर्णय लिया गया है।

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