गोरखपुर, (जेएनएन)। प्रदेश में 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा के जरिये गोरखपुर में नियुक्ति पाने वाले 662 नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। अभिलेखों के सत्यापन को लेकर मार्गदर्शन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद को भेजे गए पत्र का अभी तक जवाब न मिलने से संशय की स्थिति बरकरार है।
क्या मांगा है मार्गदर्शन
बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों की संख्या देखते हुए शासन ने 2010 से लेकर अब तक की नियुक्तियों की जांच का आदेश दिया है। इसमें इस बात का भी उल्लेख है कि सभी प्रपत्रों का सत्यापन होने से पहले वेतन कैसे जारी हो गया। इसी के बाद विभाग ने सत्यापन को लेकर मार्गदर्शन मांगा है। सीबीआइ जांच के आदेश से बेचैनी उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने 68500 शिक्षक भर्ती की सीबीआइ से जांच कराने का आदेश दिया है। हालांकि सरकार डबल बेंच में अपील का निर्णय ले चुकी है, लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद नवनियुक्त शिक्षकों की बेचैनी बढ़ गई है। ऐसे में वेतन भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट न होना उन्हें और परेशानी में डाल रहा है।
माना जा रहा है कि सीबीआइ जांच के मामले में कोई अंतिम निर्णय आने तक वेतन भुगतान की प्रक्रिया स्थगित रह सकती है। शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्राप्त अंकों का भी होगा सत्यापन शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा में प्राप्त अंकों का भी सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सूची भेजी गई है। इसके साथ ही अन्य प्रमाण पत्रों की सूची भी आफलाइन सत्यापन के लिए भेज दी गई है।
हो सकेगा ऑनलाइन सत्यापन
कुछ दिन पूर्व तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर 2013 से पुराने अंक पत्र व प्रमाण पत्र का विवरण उपलब्ध नहीं था। इसे देखते हुए आफलाइन सत्यापन की तैयारी की गई। कुछ दिनों बाद वेबसाइट सही हो गई और यह विवरण उपलब्ध हो गया है। सत्यापन को लेकर स्थिति स्पष्ट होते ही आनलाइन सत्यापन भी हो सकेगा।