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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सवालों से परखी जाएगी सरकारी स्कूलों के बच्चों की मनोदशा, विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य का होगा सर्वे

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Published: Fri, 18 Nov 2022 11:50 AM (IST)

गोरखपुर जिले के 150 परिषदीय स्कूलों का सर्वे कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के ...और पढ़ें

सवालों से परखी जाएगी बच्चों की मनोदशा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सवालों से परखी जाएगी बच्चों की मनोदशा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गोरखपुर, प्रभात कुमार पाठक। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई बार छोटे-छोटे बच्चे नुकसान पहुंचाने वाले बड़े-बड़े कदम उठा ले रहे हैं। बच्चों की इन्हीं मनोदशा को परखने के लिए शिक्षा विभाग गंभीर हो गया है। इसके लिए परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक बच्चों का सर्वे के जरिये मानसिक स्वास्थ्य का आकलन किया जाएगा।

शिक्षकों को 48 सवालों की दी गई है सूची

इसके लिए संबंधित स्कूलों के शिक्षकों को 48 सवालों की एक सूची उपलब्ध कराई गई है। मनोविज्ञानशाला प्रयागराज के निर्देश पर मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र ने इस पर कार्य शुरू कर दिया है। गोरखपुर के डेढ़ सौ विद्यालयों में शिक्षकों के सहयोग से बच्चों की मनोदशा परखी जाएगी। जिसकी गोपनीय रिपोर्ट शिक्षक तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग बच्चों का मानसिक स्तर जानकर आगे सभी स्कूलों के विद्यालयों की काउंसिलिंग कराएगा।

टिक लगाकर देने हैं सवालों के जवाब

सवालों के जवाब सूची में दिए पांच अलग-अलग कालम में किसी एक पर टिक लगाकर देना है।दिए गए सवाल से पूरी तरह असहमत होने पर एक, असहमत होने पर दो, ना असहमत हैं न ही सहमत हैं तो तीन, सहमत हैं तो चार, पूरी तरह सहमत होने पर पांचवें कालम में टिक लगाना है।

कुछ ऐसे होंगे सवाल

  • अपनी क्षमता से भली-भांति परिचित हैं।
  • कक्षा में निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करता है।
  • शिक्षक के नाराज होने पर शांत रहता है।
  • अपने कार्य सुचारू रूप से करता है।
  • आत्म सम्मान को ठेस पहुंचने पर तकलीफ होती है।
  • अपने साथियों के साथ झगड़ा करता है।
  • स्कूल के नियमों का पालन करता है।
  • माता-पिता के व्यवहार से संतुष्ट है।
  • परीक्षा में घबराहट महसूस करता है।
  • कक्षा में सहपाठियों का सहयोग करता है।
  • अपनी शारीरिक बनावट को लेकर हीन भावना से ग्रसित रहता है।
  • अपनी बातें कहने में संकोच करता है।

क्या कहते हैं अधिकारी

बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि निदेशक मनोविज्ञानशाला प्रयागराज के निर्देश पर विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक सक आठ तक के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन शुरू करा दिया जाएगा। मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र द्वारा इसमें शिक्षकों का सहयोग किया जा रहा है। रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।