गोरखपुर, जेएनएन। बुधवार सुबह एक वृद्ध थोड़ा कमजोर पड़ा तो साइकिल लेकर घर से निकल दिया। जोन्हिया रेलवे क्रासिंग से 50 मीटर पहले ही साइकिल खड़ी की और पैदल ही क्रासिंग तक चले गए। उनके दिमाग में जो चल रहा था, वो हतप्रभ करने वाला था। आसपास की लोगों की मानें तो करीब 8.40 बजे बस्ती की ओर से आ रही आम्रपाली एक्सप्रेस के सामने वो कूद पड़े और अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। उनकी जेब में से एक कागज मिला, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए वो सारी बातें लिखीं, जिस कारण उन्होंने मौत को गले लगाना उचित समझा। सुसाइड नोट में उन्होंने बताया कि वह बेटे और बहू के कारण जान दे रहे हैं।
वे खाना नहीं देते और संपत्ति हड़पना चाहते हैं। उन पर ऐसी कार्रवाई हो जिससे उन्हें सबक मिल सके। सहजनवां क्षेत्र के ग्राम भीमापार निवासी ओमप्रकाश (62) बुधवार सुबह स्नान करने के बाद साढ़े सात बजे घर से साइकिल से बाजार के लिए निकले और जोन्हिया रेलवे क्रासिंग पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्रासिंग के पास वह टहलने लगे और आम्रपाली एक्सप्रेस आई तो ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। सहजनवां थाने के प्रभारी निरीक्षक दिलीप सिंह ने बताया कि वृद्ध की जेब से मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र मिला, जिसमें लिखा है कि बेटे व बहू हमेशा प्रताड़ित करते हैं। समय से खाना-पानी नहीं देते हैं। उनका का मकसद हमारी खेतीबारी हथियाना है।
निवेदन है कि हमारे न रहने पर इन दोनों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए, जिससे इनको सबक मिल सके कि वृद्ध पिता के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं करना चाहिए। सहजनवां थाने के प्रभारी निरीक्षक दिलीप सिंह ने बताया कि वृद्ध की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार उसके बेटे व बहू के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किन्नरों ने की कार्रवाई की मांग ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाले ओमप्रकाश के दो पुत्र व चार पुत्रियां हैं। बड़ा पुत्र किन्नर है। बड़ा पुत्र किन्नरों के साथ सहजनवां थाने पर पहुंचा और पिता ओमप्रकाश की मौत के जिम्मेदार छोटे भाई हर्षवर्धन व उसकी पत्‍‌नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बड़े भाई ने कहा कि तीन बहनों की शादी हो चुकी है पर चौथी बहन मनीषा की शादी अभी नहीं हुई है।