गोरखपुर, जेएनएन। पिपराइच चीनी मिल दूसरे दिन पर्याप्त गन्ना न होने के कारण बंद रही। काफी मशक्कत के बाद सिर्फ ढाई हजार क्विंटल गन्ना की व्यवस्था हो सकी थी। मिल प्रशासन ने 10 हजार क्विंटल गन्ना के लिए किसानों में पर्ची बांटी है। मिल प्रशासन को उम्मीद है कि पर्याप्त गन्ना मिल जाएगा और मिल चलने लगेगी।

गन्ना प्रबन्धक बीएस बघेल ने बताया कि धूप में गन्ना छिलाई के लिए मजदूर न मिलने के कारण कम गन्ना आ सका लेकिन अब ऐसी नौबत न आए, इसके लिए 80 हजार क्विंटल गन्ना के लिए पर्ची बनाई जा रही है। हालांकि महाप्रबंधक जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पहले बांटी गई पर्ची पर 20 हजार क्विंटल गन्ना आने के बाद किसानों को नई पर्ची दी जाएगी।

इधर, पर्ची के लिए किसान मंगलवार को भी परेशान रहे। आरोप लगाया कि न तो पर्ची दी जा रही है न ही किसानों को पुख्ता जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मिल प्रबंधन ने दो माह पहले ही किसानों से साफ तौर पर कह दिया था कि चीनी मिल के लिए 80 हजार क्विंटल गन्ना की जरूरत है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया गया था। किसानों से अनुरोध भी किया गया था कि वह मिल चलाने के लिए गन्ने की व्यवस्था अवश्य कर लें। स्थिति यह है कि मिल को पर्याप्त गन्ना ही नहीं मिल पाया। प्रशिक्षण और अनुरोध करने के बाद किसान गन्ने की कमी के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मान रहे हैं। वह सीधे तौर पर मिल प्रबंधन को ही कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

नहीं जुड़ सका बिजली कनेक्शन

तमाम कवायद के बाद भी चीनी मिल को मंगलवार को भी बिजली कनेक्शन नहीं मिल सका। हाटा उपकेंद्र से चीनी मिल को बिजली आनी है। लकड़ी व बगास से मिल में पेराई शुरू की गई है।

Posted By: Jagran