महराजगंज, सच्चिदानंद मिश्र। कहते हैं, पढऩे-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। मजबूत इच्छा शक्ति व आत्मबल हो तो शारीरिक दुर्बलता कभी आड़े नहीं आएगी। कम से कम उम्र के चौथे पड़ाव पर पहुंच चुके महराजगंज के इंदिरानगर निवासी सुरेश चंद्र पांडेय को देखकर तो यही लगता है।

जिला कृषि अधिकारी के पद से सेवानिवृत्‍त हुए हैं सुरेश

जिला कृषि अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद समाजसेवा से जुड़े सुरेश चंद पांडेय अब 75 साल की उम्र में LLB की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन्होंने निचलौल स्थित मनु ला कालेज में बीते नौ सितंबर को एलएलबी प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। रोजाना अपने पोते-पोतियों की उम्र के समकक्ष सहपाठियों के साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एग्रीकल्चर से एमएससी सुरेशचंद्र पांडेय 21 साल की उम्र में ही नौकरी में आ गए थे।

बेटा भी है उसकी कक्षा का विद्यार्थी

सुरेश चंद्र पांडेय के बड़े पुत्र विनय पांडेय दीवानी कचहरी महराजगंज में अधिवक्ता हैं। छोटे पुत्र अशोक कुमार पांडेय पिता के साथ ही कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। अपने कक्ष में अन्य छात्रों के मुंह से बाबा सुनकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती है।

लाचार वादकारियों को विधिक सलाह देना उद्देश्य

LLB की पढ़ाई करने के संबंध में पूछने पर सुरेश चंद्र पांडेय बताते हैं कि आजादी के 70 दशक बाद भी अधिकतर लोगों को कानून का ज्ञान नहीं है। जिससे गरीब व लाचार वादकारियों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। ऐसे लोगों को कानूनी सलाह देने के लिए ही पढ़ाई कर रहा हूं।

सुरेश पांडेय को अपने बीच पाकर खुश हैं शिक्षक व छात्र

सुरेश पांडेय को पढ़ाने वाले मनु ला कालेज के शिक्षक डा. राहुल तिवारी व सुनील दत्त चतुर्वेदी ने कहा कि अपने बाबा के उम्र के छात्र को पढ़ाना अपने आप में अलग अनुभव है। सुरेश पांडेय एकाग्र होकर एक मेधावी छात्र की तरह शिक्षा ग्रहण कर रहे हैैं। उनके साथ पढऩे वाले हरिशंकर पटेल, मुजाहिद अंसारी, दीनदयाल चौहान भी काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन से हमारे बीच सुरेश पांडेय आकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, क्लास रूम की रौनक बढ़ गई है। 

Posted By: Pradeep Srivastava

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