गोरखपुर, जागरण संवाददाता। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नौवीं एवं दसवीं के विद्यार्थी घर से प्रायोगिक परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। बोर्ड ने विद्यार्थियों को यह सुविधा देते हुए लिंक जारी कर दिया है। बोर्ड ने इसको लेकर गाइडलाइन जारी करते हुए नौवीं के विद्यार्थियों को 20 और दसवीं के 22 प्रोजेक्ट वर्क दिए हैं।  सीबीएसई के इस न‍िर्णय से परीक्षाि‍र्थियों को काफी राहत म‍िलेगी। इसके अलावा मार्गदर्शिका, वीडियो और कार्यपत्रक भी उपलब्ध कराया है, जिसके आधार पर पहले विद्यार्थी घर पर तैयारी करेंगे। बाद में स्कूल में जाकर प्रयोगशाला में तैयारी के अनुरूप प्रैक्टिकल करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों को वर्चुअल प्रैक्टिकल की सुविधा दिया जाना सराहनीय है।

कोरोनाकाल में स्कूल-कालेज बंद कर दिए गए थे 22 प्रोजेक्ट वर्क

नौवीं के विद्यार्थियों को 20 व दसवीं को लिए गए 22 प्रोजेक्ट वर्क कोरोनाकाल में स्कूल-कालेज बंद कर दिए गए थे। कक्षाओं का संचालन वर्चुअल ही होता था। तकरीबन डेढ़ साल विद्यार्थियों ने आफलाइन पढ़ाई से दूर रहे और वर्चुअल माध्यम से ही पढ़ाई की। यहां तक कि सीबीएसई समेत सभी बोर्डों को कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षा तक टालनी पड़ी।

परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जैसे ही वहीं कोरोना के मामले कम हुए स्कूल दोबारा खोल दिए गए।गत वर्षों में विज्ञान के शिक्षक प्रयोगशालाओं में छात्रों की तैयारी कराते थे। इस वर्ष स्कूल बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सीबीएसई के घर से विद्यार्थियों प्रायोगिक परीक्षा की तैयारी करने का अवसर दिया जाना विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है।

सीबीएसई ने विद्यार्थियों को हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। जिसे इसी वर्ष से लागू किया जाएगा। अब तक विज्ञान के शिक्षक प्रयोगशालाओं में ही छात्रों की तैयारी कराते रहे हैं। कोरोनाकाल में स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। बोर्ड के इस पहल से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी राहत मिल गई है। - अजीत दीक्षित, जिला समन्वयक, सीबीएसई। 

Edited By: Pradeep Srivastava