गोरखपुर, जेएनएन। परिषदीय विद्यालय के छात्रों की सोच व समझ विकसित करने के लिए शैक्षिक भ्रमण कराया जाएगा। छात्र शैक्षिक भ्रमण के दौरान निकट के हाईस्कूल, इंटर कालेज, महाविद्यालय व विश्वविद्यालय जाएंगे। वहां वह प्रयोगशाला, पुस्तकालय तथा अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों से रूबरू होंगे। भ्रमण के दौरान किसी एक संस्था में शैक्षिक गोष्ठी का आयोजन कर उनके समक्ष प्रेरक प्रसंग भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे वे कुछ सीख सकें।

प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को नहीं कराया जाएगा भ्रमण

अभी प्राथमिक विद्यालयों के बच्‍चों के लिए यह व्‍यवस्‍था नहीं है। केवल उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को उनके व्यवहारिक जीवन  में कुछ सीखने के उद्देश्य से पहली बार इस तरह की पहल की गई है। संस्था भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक व शिक्षक की होगी। ताकि छात्र बिना किसी परेशानी के न सिर्फ संस्था का भ्रमण कर सके बल्कि कुछ सीख कर उसका उपयोग अपने जीवन में कर सकें।

लेख के जरिए छात्र लिखेंगे अपने अनुभव

शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्र जिन-जिन संस्थाओं का भ्रमण करेंगे। वापस लौटने के बाद उन्हें एक लेख लिखने को दिया जाएगा। बाद में उनके लिखे लेख का अवलोकन कर मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के पश्चात लेखन कला में अच्छे बच्चों को चिह्नित किया जाएगा।

नक्षत्रशाला भी देखेंगे बच्‍चे

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि शासन ने पहली बार इस तरह की पहल की है। इससे छात्रों को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। भ्रमण के दौरान छात्रों को नक्षत्रशाला भी दिखाया जाएगा। विद्यालयों को इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं।

Posted By: Satish Shukla

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