गोरखपुर, जेएनएन। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के 95वें वार्षिक अधिवेशन के अंतिम दिन देश भर से जुटे हजारों रेलकर्मियों ने निजीकरण और निगमीकरण के विरोध में भारतीय रेलवे स्तर पर राष्ट्रीय हड़ताल के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। रेलकर्मियों ने एक स्वर से कहा कि अगर रेल मंत्रालय और बोर्ड ने ट्रेनों और स्टेशनों की बिक्री बंद नहीं की तो बिना सूचना के राष्ट्रव्यापी हड़ताल तय है। चेन्नई के रेलवे स्टेडियम में निजीकरण और निगमीकरण के विरोध में गूंजी कर्मचारियों की आवाज दिल्ली तक पहुंच चुकी है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने निजीकरण और निगमीकरण नहीं करने का आश्वासन दिया है।

रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्‍तुत होगा प्रस्‍ताव

दूरभाष पर बातचीत के दौरान चेन्नई से एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के संयुक्त महामंत्री नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि एआइआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र के नेतृत्व में दिनभर सिर्फ निजीकरण और निगमीकरण को लेकर मंथन हुआ। एआइआरएफ ने मंत्रालय और बोर्ड को चेतावनी दे दी है। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना की बहाली, रिक्त पदों पर भर्ती और पदोन्नति पर भी प्रस्ताव तैयार हुआ। संयुक्त महामंत्री के अनुसार अधिवेशन में तीनों दिन रेलवे कर्मचारियों और रेलवे के हितों पर चर्चा हुई। कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत बहस के बाद प्रस्ताव तैयार हुआ है, जिसे रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

वयोवृद्ध कामरेड केएल गुप्त फिर से बने सहायक महामंत्री

अधिवेशन में नरमू के महामंत्री वयोवृद्ध कामरेड केएल गुप्त फिर से एआइआरएफ के सहायक महामंत्री चुने गए। उनके नाम पर मुहर लगते ही नरमू के नवीन कुमार मिश्र, एसपी सिंह, ओंकार सिंह और राजेश पांडेय आदि वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जोरदार ढंग से स्वागत किया। कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा। 103 वर्षीय महामंत्री चेन्नई में पूर्वोत्तर रेलवे का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

देर रात गोरखपुर के लिए रवाना हो गई यूनियन एक्सप्रेस

पूर्वोत्तर रेलवे से लगभग एक हजार रेलकर्मियों को लेकर चेन्नई पहुंची यूनियन एक्सप्रेस देर रात रवाना हो गई। उत्साहित रेलकर्मी रविवार की रात या सोमवार को गोरखपुर पहुंच जाएंगे। 

Posted By: Satish Shukla

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