गोरखपुर, जेएनएन। मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर ने परिवहन विभाग के अधिकारियों और यातायात पुलिस को निर्देशित किया है कि शहर में बिना परमिट के आटो संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाएं। अभियान चलाकर अनधिकृत रूप से शहर में चल रहे ग्रामीण क्षेत्र के आटो पर प्रतिबंध लगाएं। पकड़े जाने पर कार्रवाई करें।

मंडलायुक्त अपने कार्यालय के सभागार में संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस आटो की आयु सात वर्ष पूरी हो चुकी है, उसका परमिट जारी न करें। शहर में सिर्फ परमिट वाले सीएनजी आटो का संचालन ही सुनिश्चित करें। जिन वाहनों का परमिट समाप्त हो गया है, परिवहन विभाग उनकी सूची जिला प्रशासन और पुलिस को उपलब्ध कराए, ताकि अवैध संचालन पर रोक लगाई जा सके।

ओला संचालक को निर्देश

मंडलायुक्त ने ओवरलोडिंग रोकने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। ओला संचालक को निर्देशित किया कि एयरपोर्ट से शहर के बीच ओला के संचालन की व्यवस्था करें। बैठक में ड्राइवर को छोड़कर 6 सीट वाली जीप व टैक्सी का परमिट जारी करने पर सहमति बनी। सिटी बसों के स्टैंड तथा सार्वजनिक सेवा के वाहनों के टिकटों की बिक्री के लिए अभिकर्ता लाइसेंस जारी करने के संबंध सहमति नहीं बन पाई। बैठक का संचालन संभागीय परिवहन अधिकारी अनीता ङ्क्षसह ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी के विजयेंद्र पाण्डियन, एसपी ट्रैफिक आशुतोष शुक्ला, नगर आयुक्त अंजनी कुमार ङ्क्षसह, उप परिवहन आयुक्त (वाराणसी क्षेत्र) लक्ष्मीकांत मिश्रा सहित सभी जनपदों के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और ट्रांसपोर्ट संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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