गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर समेत रेंज के सभी जिलों में विशेष कमांडो दस्ते का गठन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले से 10-10 तेज तर्रार पुलिसकर्मियों का चयन होगा। जिन्हें ट्रेनिंग के लिए एटीएस मुख्यालय भेजा जाएगा। यह दस्ता पुलिस क्राइम ब्रांच में रिजर्व रहेगा। इनामी व शातिर अपराधियों की धरपकड़ के दौरान फ्रंटलाइन में मोर्चा लेगा।

एटीएस मुख्यालय में हर जिले के 10-10 पुलिसकर्मियों की होगी ट्रेनिंग

कानपुर मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद डीआइजी राजेश मोदक ने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के पुलिस कप्तान को पत्र लिखकर तेज तर्रार व शारीरिक रूप से फीट 10-10 पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है। एटीएस मुख्यालय में इन लोगों को कमांडो की ट्रेनिंग होगी। बदमाशों की धरपकड़ और मुठभेड़ के दौरान इन कमांडो को लगाया जाएगा, ताकि पुलिस बदमाशों का सामना पूरी मजबूती से कर सके। डीआइजी ने बताया कि एटीएस की तरह ट्रेंड पुलिस कमांडो दस्ते का होना दबिश व मुठभेड़ के दौरान आवश्यक है। जिसके लिए सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखा गया है। सभी से 10-10 पुलिसकर्मियों की सूची मांगी गई है। एटीएस के लोगों द्वारा उनकी ट्रेनिंग नियमित रूप से कराई जाएगी। इसके लिए एटीएस के उच्चाधिकारियों से बात भी कर ली है। वह पुलिसकर्मियों की नियमित ट्रेनिंग के लिए तैयार हैं।

कानपुर की घटना को लेकर पुलिस सतर्क

उधर, डीआइजी के निर्देश पर गोरखपुर में पुलिस ने सक्रिय चल रहे सभी हिस्ट्रीशीटरों के घर पर दस्तक दिया। इस दौरान अधिकतर घर से फरार मिले। सभी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। डीआइजी ने अपर पुलिस अधीक्षकों (एएसपी) को हिस्ट्रीशीटरों के विरुद्ध शुरू गए अभियान की अपने-अपने इलाके में मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है। हिस्ट्रीशीटरों पर कार्रवाई के लिए थानेदारों की जिम्मेदारी तय की गई है।

जिले में 1400 से अधिक हिस्ट्रीशीटर बदमाश सूचीबद्ध हैं। इनमें से आधे के करीब उम्रदराज हैं और निष्क्रिय होकर अपराध से तौबा चुके हैं। सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों के विरुद्ध अभियान शुरू किया गया है। शनिवार को देर शाम शुरू किए गए अभियान में भारी पुलिस बल के साथ हिस्ट्रीशीटरों के घर दबिश दी गई। 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस