गोरखपुर, जागरण संवाददाता : तारामंडल क्षेत्र में करीब 42.5 एकड़ में फैली वाटर बाडी को साफ करने के बाद अब इसमें बोटिंग शुरू करने की तैयारी चल रही है। रामगढ़ताल की तरह ही इसमें भी लोग बोटिंग का मजा ले सकेंगे। दोपहर में जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर दो स्टीमर वाटर बाडी के एक से दूसरे छोर तक चलाई गई। स्टीमर बुद्ध म्यूजियम एवं आंबेडकर पार्क के सामने बने दो पुलों के नीचे से होकर गुजरी। वाटर बाडी में नौकायन का भी रही रास्ता होगा।

नौकायन से सर्किट हाउस के दूसरी ओर तक फैली है वाटर बाडी

रामगढ़ताल के नौकायन के सामने से वाटर बाडी बुद्ध म्यूजियम, वैशाली आवासीय कालोनी, आंबेडकर पार्क, वसुंधरा एंक्लेव के पीछे से होते हुए सर्किट हाउस के दूसरी ओर तक फैली है। यह वाटर बाडी जलकुंभी से पटी रहती थी, जिससे रामगढ़ताल की भव्यता भी प्रभावित होती थी। जीडीए उपाध्यक्ष ने वाटर बाडी को साफ कराने का निर्णय लिया। करीब एक महीने में पूरी वाटर बाडी से जलकुंभी निकाल दी गई है। वाटर बाडी में मछली पालन भी किया जाएगा और मछली पालन करने वाली फर्म ही यहां बोटिंग भी कराएगी। शुरू में पैडल बोडिंग शुरू करने की योजना है। वाटर बाडी के किनारे-किनारे प्लेटफार्म बनाकर उसका सुंदरीकरण भी किया जाएगा। लाइट लगाने की भी योजना है। भविष्य में दोनों ओर पाथ वे भी बनाने की योजना है।

सफाई के बाद भव्य नजर आ रहा क्षेत्र

सफाई के बाद तारामंडल का क्षेत्र भव्य नजर आ रहा है। कालोनियों के बीच से गुजर रही वाटर बाडी इस क्षेत्र की सुंदरता में चार-चांद लगाती नजर आ रही है। बोटिंग शुरू होने के बाद लोग एक छोर से दूसरे छोर तक हरियाली के बीच भ्रमण कर सकेंगे।

वाटर बाडी का भी किया जाएगा सुंदरीकरण

जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि वाटर बाडी की सफाई करा ली गई है। जल्द ही यहां बोटिंग भी शुरू कराई जाएगी। इसके लिए ट्रायल किया गया। दो स्टीमर एक छोर से दूसरे छोर तक चलाई गई है। वाटर बाडी का सुंदरीकरण भी किया जाएगा।

Edited By: Rahul Srivastava