गोरखपुर, जेएनएन। हरपुर बुदहट इलाके से रहस्यमय परिस्थितियों में विनोद के लापता होने के मामले में पुलिस ने रिश्ते के भाई और सफाईकर्मी राजेश सहित तीन को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर गांव से थोड़ी दूरी पर स्थित आमी नदी के किनारे दफनाए गए विनोद के क्षत-विक्षत शव को बरामद किया गया है। फिलहाल हत्या की वजह नहीं पता चली है। हरपुर थाने में आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं।

यह है घटनाक्रम

हरपुर बुदहट इलाके के कुईंखोर निवासी विनोद, 27 जनवरी को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। पिपरौली विकास खंड में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत गांव के ही राजेश के घर वह रहते थे। उनकी मां फुलबासी देवी, तीन बेटों व एक बेटी के साथ असम में रहती हैं। बेटे के गायब होने की सूचना पर वह गांव पहुंची। आरोप है कि विनोद के बारे में पूछने पर राजेश ने बताया कि उनके बेटे की हत्या हो गई है। इतना ही नहीं उसने उनको एक लाख रुपये लेकर मुंह बंद रखने और असम लौट जाने को कहा था। इस जवाब से सकते में आईं फुलबासी देवी की सूचना पर पुलिस गांव में पहुंचती, इससे पहले ही राजेश घर में ताला बंद कर फरार हो गया। बाद में उसकी पट्टीदारी के तीन अन्य परिवार तथा महुली, संतकबीरनगर के झकरी स्थित मायके में रही उसकी पत्नी व बच्चे भी भूमिगत हो गए। काफी प्रयास के बाद भी न तो विनोद का पता चल रहा था और न ही राजेश का। पुलिस ने बांसगांव इलाके से राजेश के साले और एक अन्य रिश्तेदार को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मंगलवार को राजेश तथा उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया। बताते हैं कि देर रात तक चली पूछताछ के दौरान राजेश और उसके साथी गुमराह करने की कोशिश करते रहे। 

विकलांग को अगवा कर हत्या करने वालों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई

उधर, गोरखपुर के खोराबार इलाके से दिव्यांग को अगवा कर हत्या करने के छह आरोपितों को गैंगस्टर के तहत निरुद्ध किया गया है। एक नवंबर, 2019 को हुई इस घटना में मृतक की भाभी भी आरोपित है, लेकिन उसे इस कार्रवाई से अलग रखा गया है। गैंगेस्टर में निरुद्ध आरोपित, दिव्यांग का अपहरण कर हत्या करने के आरोप में पहले से ही जेल में हैं। खोराबार क्षेत्र के रामगढ़ उर्फ चवरी अयोध्या टोला निवासी दिव्यांग उमेश यादव (45) को बोलेरो सवार बदमाशों ने घर से अगवा कर लिया था। दूसरे दिन देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र में उमेश की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। खोराबार पुलिस ने भाई अशोक की तहरीर पर पुलिस ने उनकी पत्नी सुमन व अन्य अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। पता चला कि दिव्यांग के बड़े भाई की पत्नी सुमन के इशारे पर झंगहा क्षेत्र के जंगल रसूलपर नंबर दो, संवलाबारी टोला निवासी प्रदीप यादव व शेषनाथ यादव, बरबसहा टोला निवासी संगम गौड़, राघवपट्टी पडऱी निवासी आदित्यनाथ गुप्त, ब्रह्मपुर होरिलवा टोला निवासी सुनील गिरी, चौरीचौरा क्षेत्र के चकदेइया निवासी लालू यादव ने अपहरण और हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। सभी आरोपितों को जेल भेजा गया था।

चार लोगों की हत्या करने वाले बदमाश के दो सहयोगी गिरफ्तार

हत्या के मुकदमे में सुलह करने की धमकी देने वाले आरोपितों को झंगहा पुलिस ने मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपित फरार चल रहे एक लाख के इनामी राघवेंद्र यादव के सहयोगी हैं। सेवानिवृत्त दारोगा और उनके बेटे की हत्या में दोनों आरोपित हैं। कुछ दिन पहले जमानत पर छूटे थे। सुगहा निवासी उदय यादव ने झंगहा पुलिस को फोन से सूचना दी थी कि 10 अप्रैल,2018 को उसके पिता जयङ्क्षहद यादव (सेवानिवृत्त दारोगा) और नागेंद्र की गजाईकोल पुलिया के पास बदमाश राघवेंद्र ने अपने साथियों संग गोली मारकर हत्या कर दी। सोमवार को मुकदमे की पैरवी करने कोर्ट जा रहे थे। रास्ते में मिले हत्यारोपित रामसजन और रामदरश ने उन्हें रोक लिया। मुकदमे में सुलह न करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उदय ने पुलिस को बताया कि राघवेंद्र यादव ने छह जनवरी, 2016 को उसके चाचा बलवंत और भाई कौशल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद फरार हो गया। थानाध्यक्ष झंगहा अनिल सिंह ने बताया कि धमकी देने वाले हत्यारोपितों को मंगलवार सुबह आरोपितों को सुगहा में उनके घर से गिरफ्तार कर दोपहर बाद कोर्ट पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

Posted By: Pradeep Srivastava

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