गोरखपुर, जेएनएन। महराजगंज जनपद के भारत-नेपाल सीमा से सटे बरगदवा थाना क्षेत्र के चकरार गांव के पास शुक्रवार  को गश्त कर रहे एसएसबी जवान 37 वर्षीय अमरेन्द्र पांडेय पर खाद लेकर नेपाल जा रहे तस्करों ने हमला कर लहूलुहान कर दिया। घायल जवान को तस्कर खींचकर नेपाल ले जा रहे थे। तभी भारतीय क्षेत्र के ग्रामीणों ने दौड़ा लिया। ग्रामीणों को आता देख तस्‍कर एसएसबी जवान को छोड़कर नेपाल भाग गए। गंभीर रूप से घायल जवान को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बरगदवा थानाक्षेत्र के सरहदी गांव चकरार के पास बीओपी बरगदवा में तैनात दो जवान शुक्रवार को गश्‍त कर रहे थे। इसी दौरान बरगदवा से बाइक पर दो बोरी खाद लादकर एक तस्कर नेपाल की तरफ जाते दिखा । गश्त कर रहे जवानों ने उसे रोका तो तस्कर नोकझोंक करने लगा। इसी बीच वहां नेपाल के अन्य तस्कर भी पहुंच गए। उन्होंने एसएसबी जवान अमरेंद्र पांडेय पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में जवान के सिर पर गंभीर चोटें लग गई।

हमला करने वाला तस्‍कर चिह्नित

इस दुस्साहसिक वारदात से सीमा पर हड़कंप मच गया। एसएसबी के अधिकारी भी वहां पहुंच गए। घायल जवान को निचलौल सीएचसी ले जाया गया। वहां से घायल काे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एसएसबी के कमांडेंट मनोज कुमार ने बताया कि बरगदवा गांव के तस्कर को चिन्हित कर लिया गया है। हमले में नेपाल के तस्कर भी शामिल हैं। थाने में मुकदमा दर्ज करा तस्‍करों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

नेपाली तस्‍करों के कारण हुआ हुआ हमला

भारत-नेपाल का बार्डर खुला होने के कारण आसानी से तस्‍करी होती रहती है। भारत और नेपाल के गांवों को जोड़ने के लिए हर गांव का पगडंडी है। उसी से भारत के लोग नेपाल और नेपाल के लोग भारत आते रहते हैं और एक दूसरे के सुख-दुख के भागीदार बने रहते हैं। नेपाली तस्‍कर इन्‍हीं पगडंडी का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करते हैं। बार्डर से सटे नेपाल के हर गांव में तस्‍कर मौजूद हैं। एसएसबी जवान अमरेन्‍द्र पर हमला नेपाली तस्‍करों के कारण हुआ है।