गोरखपुर, जेएनएन। अखिल भारतीय विद्वत महासभा की बैठक केंद्रीय कार्यालय, जटाशंकर शिव मंदिर पर हुई। बैठक में तय हुआ कि 25 अक्टूबर को धनतेरस व 27 अक्टूबर को दीपावली मनाई जाएगी। बैठक में कहा गया कि दीपावली के लिए प्रदोष काल में अमावस्या तिथि का होना जरूरी है, इसलिए दीपावली इसी दिन मनाई जाएगी।

बैठक में पं. शरदचंद्र मिश्र ने कहा कि 25 अक्टूबर को कार्तिक द्वादशी सायं 4.31 बजे तक है। इसके बाद त्रयोदशी लग रही है। धर्म शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी में ही धनतेरस व धनवंतरि जयंती मनाई जाती है।

26 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी व हनुमान जयंती

बैठक में कहा गया कि 26 अक्टूबर को मास शिवरात्रि व्रत, नरक चतुर्दशी व हनुमान जयंती मनाई जाएगी। 27 अक्टूबर को चतुर्दशी तिथि में दिन में 11.51 बजे तक है। इसके बाद अमावस्या तिथि व प्रदोष काल रात में मिल रहा है।

इसलिए इसी दिन मनेगी दीपावली

दीपावली के लिए प्रदोष काल में अमावस्या तिथि का होना जरूरी है, इसलिए दीपावली इसी दिन मनाई जाएगी। डॉ. रामनरेश पांडेय ने कहा कि अन्नकूट व गोवर्धन पूजा के दिन प्रतिपदा तिथि हो और चंद्रदर्शन का अभाव हो, उसी दिन इस पर्व को मनाया जाता है। इसलिए ये दोनों पर्व 28 अक्टूबर को मनाए जाएंगे।

भैया दूज व चित्रगुप्त पूजा 29 अक्टूबर को

भैया दूज व चित्रगुप्त पूजा 29 अक्टूबर को मनाई जाएगी। 30 अक्टूबर को संस्था के संस्थापक ब्रह्मलीन पं. मेघराज मिश्र की पुण्यतिथि मनाई जाएगी। बैठक में पं. देवेंद्र प्रताप मिश्र, आचार्य हृदय नारायण शुक्ल सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

Posted By: Satish Shukla

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