गोरखपुर (जेएनएन)। सिंचाई मंत्री और गोरखपुर के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता की परीक्षा अब एसडीएम और तहसीलदार भी लेंगे। जिन विद्यालयों में बच्चों का रिजल्ट बेहतर नहीं होगा, वहां के शिक्षकों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नहरों की सफाई में होने वाली गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। विकास और सुरक्षा की समीक्षा बैठक के बाद सर्किट हाउस पत्रकारों से बातचीत में सिंचाई मंत्री ने विकास और सुरक्षा को लेकर चल रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के अलग होने के बाद यूपीे के कई पर्यटन स्थल उत्तराखंड में चले गए। ऐसे में यहां पर पर्यटन स्थलों के विकास के लिए सरकार विशेष कार्य कर रही है। गोरखपुर देश के मानचित्र में दिखाई दे इसके लिए पर्यटन प्लान तैयार हो गया है। सभी धर्म के लिए मान्य गोरक्षपीठ के साथ साथ रामगढ़ ताल को टूरिज्म के लिहाज से विकसित करने पर काम चल रहा है। मंत्री ने गोरखपुर में ओडीएफ की प्रगति पर नाराजगी जताई, कहा की कौड़ीराम और पिपराइच ब्लाक को छोड़ दें तो किसी भी ब्लॉक में ओडीएफ की स्थिति बेहतर नहीं है। नगर पंचायतों की भी स्थिति बेहतर नहीं है। बेसिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में टीकाकरण और इंसेफेलाइटिस पर संतोष जताया। मंत्री ने धान क्रय केंद्र की तैयारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। सिंचाई मंत्री ने केन नदी और बेतवा नदी को मिलाकर हुए समझौते पर चर्चा करते हुए कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी सूखा नहीं रहेगा। त्योहारों में नगर क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी 24 घंटे बिजली देने के निर्देश अधिकारियों को देने की बात कही। उन्होंने पुलिस को त्यौहार में गस्त बढ़ाते हुए संवेदनशील सीमाई इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी निर्देश दिया है।

Posted By: Nawal Mishra

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