गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दशहरा से रोडवेज की बसों का सफर भी अब सुहाना होगा। गेट, सीटें और खिड़कियां तो दुरुस्त रहेंगी ही, बस के अंदर और बाहर गंदगी नहीं दिखेगी। शासन के दिशा-निर्देश पर परिवहन निगम प्रशासन ने मिशन कायाकल्प के तहत सभी बसों का कायाकल्प कराना शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में वातानुकूलित (एसी) बसों की समुचित मरम्मत शुरू हो गई है। एसी बसों में स्थाई डस्टबिन रखे जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक बस में दोनों साइड में दस पंखे लगेंगे। सीट के नीचे मोबाइल चार्जर प्वाइंट को भी दुरुस्त किया जाएगा, ताकि यात्री अपना मोबाइल चार्ज कर सकें।

बस के अंदर पूरी तरह रहेगी स्वच्छता

मिशन कायाकल्प के तहत राप्तीनगर डिपो की 53 एसी बसों में मरम्मत के साथ डस्टबिन लगने शुरू हो गए हैं। साथ ही पंखों, चार्जर प्वाइंट, सीटों, गेटों और खिड़कियों की भी मरम्मत कराई जा रही है। बस के अंदर पूरी तरह स्वच्छता तो रहेगी ही, बाहर बस की बाडी भी साफ दिखेगी। बाडी पर पान की पीक व दाग-धब्बे नहीं दिखेगी। इसके लिए सभी बस स्टेशनों पर वाइपर की व्यवस्था की जा रही है। बस रवाना होने से पहले सफाईकर्मी वाइपर से बसों की सफाई करेंगे। दरअसल, सफर के दौरान यात्री गंदगी फैलाते रहते हैं। मूंगफली का छिलका हो या केला का छिलगा। लोग सीट के अंदर ही फेंक देते हैं। पान या गुटखा खाने वाले यात्री भी अपनी पहचान छोड़ते जाते हैं। यात्रा में पान की पीक यात्रियों के मन को खिन्न करता रहता है।

मरम्मत के साथ होगा बसों का डेंट-पेंट

राप्तीनगर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) गौरव वर्मा के अनुसार बसों का कायाकल्प शुरू है। एसी बसों में डस्टबिन लगने शुरू हो गए हैं। बाडी की मरम्मत के साथ डेंट-पेंट भी कराया जा रहा है। चालकों और परिचालकों के लिए वर्दी भी अनिवार्य कर दी गई है। रोडवेज की बसों में लोगों को सुखद यात्रा का अहसास होगा।

क्या कहते हैं अधिकारी

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश पर बसों का कायाकल्प शुरू है। वातानुकूलित और साधारण बसों की मरम्मत कराई जा रही है। साफ- सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बसों के अंदर और बाहर गंदगी नहीं दिखेगी। स्वच्छता को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

Edited By: Pragati Chand