गोरखपुर, जागरण संवाददाता। यात्रियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। लंबी दूरी (लखनऊ, प्रयाराज और दिल्ली आदि) ही नहीं देवरिया, रुद्रपुर, तमकुही, महराजगंज और ठूठीबारी आदि लोकल रूट के लिए भी बसेें नहीं मिल रही है। यात्री गोरखपुर स्टेशन परिसर में भटकने को मजबूर हैं।

देवरिया, रुद्रपुर, तमकुही और महराजगंज रूट के लिए नहीं मिल रहीं बसें

स्टेशन परिसर में बसों के लगते ही भर जा रही हैं। महिला, बुजुर्ग और मरीजों को तो सीट ही नहीं मिल पा रही। लोग कोविड प्रोटोकाल भी भूल गए हैं। परिवहन निगम भी ध्यान नहीं दे रहा। मास्क की तो बात ही छोड़िए, शारीरिक दूरी का भी कोई पालन नहीं कर रहा। एक सीट पर दो की जगह तीन यात्री बैठ रहे हैं। सीट नहीं मिल रही तो लोग खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं। यह तब है जब कोविड को लेकर शासन भी सतर्क है।

कर्मचारियों का टोटा, बिना परिचालक के चल रहीं बसें

सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एके मिश्रा के अनुसार लग्न में कर्मचारियों की छुट्टी पर चले जाने से परेशानी बढ़ी है। लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि यात्रियों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। परिचालकों के अभाव में स्टेशन परिसर में ही लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के सभी टिकट बुक कर दिए जा रहे हैं, ताकि बिना परिचालक के भी अधिक से अधिक बसें चलाई जा सकें। बसों के फुल हो जाने के बाद रास्ते में एक भी यात्री नहीं बैठाए जा रहे हैं। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

रेलवे स्टेशन पर बिना मास्क के पकड़े गए 1113 यात्री

पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। यात्रियों की जांच फिर शुरू हो गई है। नवंबर में गोरखपुर जंक्शन पर 1113 यात्रियों को बिना मास्क के पकड़ा गया है। पकड़े गए लोगों से जुर्माना के रूप में 222600 रुपये की वसूली गई है। स्टेशन डायरेक्टर आशुतोष गुप्ता के अनुसार कोविड प्रोटाकाल का पालन कराने के लिए वाणिज्य और सुरक्षा विभाग की टीम गठित कर दी गई है। अभियान को और तेज किया जाएगा। न सिर्फ कार्रवाई होगी, बल्कि लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।

Edited By: Pradeep Srivastava