यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रीपर से उठी चिंगारी तो मचेगी तबाही, गोरखपुर में रोक हटते ही चलने लगी भूसा बनाने वाली मशीन- प्रशासन भी मौन
गोरखपुर जिले में गेहूं के खेतों में अगलगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए स्ट्रा रीपर संचालन पर रोक ...और पढ़ें

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। प्रशासन ने स्ट्रा रीपर के संचालन पर लगी रोक हटा दी है। सुरक्षा शर्तों के साथ लगी रोक हटने के बाद गोरखपुर जिले में तेजी के साथ स्ट्रा रीपर खेतों में भूसा बनाने में जुट गए, लेकिन कही भी सुरक्षा का इंतजाम नहीं दिखा। वहीं स्थानीय प्रशासन भी मौन साधे हुए है। दैनिक जागरण के पड़ताल में सामने आया कि रीपर से अगर चिंगारी उठी तो खेतों में तबाही मचनी तय है।
एक सप्ताह पहले लगी थी रोक
एक सप्ताह पहले खेतों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने भूसा बनाने वाली मशीन स्ट्रा रीपर पर रोक लगा दी थी। इधर, पशु पालकों की मांग के बाद प्रशासन सुरक्षा शर्तों के साथ स्ट्रा रीपर को चलाने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने किसानों को कहा है कि आग से बचाव के लिए किसान अपने खेतों में जल का भंडारण, अग्निशमन यंत्र, पर्याप्त मात्रा में बालू की उपलब्धता के साथ जिन किसानों के खेत में बोरिंग है, वह पंपसेट का इंतजाम करते हुए मशीन से भूसा बनवाऐ, जिससे कि आग लगने पर तत्काल उस पर काबू पाया जा सके।
चलने लगी मशीनें, कहीं नहीं दिखा कोई इंतजाम
प्रशासन से निर्देश मिलते ही खेतों में भूसा बनाने वाली मशीनें दौड़ने लगी हैं। बड़हलगंज, गोला, खजनी, उरुवा, बेलघाट, कैंपियरगंज, पीपीगंज, सहजनवां, पाली, घघसरा, हरपुर बुदहट, पिपरौली, चौरी चौरा, झंगहा समेत अन्य क्षेत्रों में मशीने भूसा बनाते हुए मिलीं, लेकिन कहीं भी सुरक्षा के शर्तों को पूरा नहीं किया गया था। किसान अनूप सिंह, सेवक, सूरज, धर्मेन्द्र, बबलू, गिरिजेश, घरभरन, सुभाष, आदित्य, रामलखन समेत आदि का कहना है कि स्ट्रा रीपर मशीनों से आग की घटनाएं ज्यादा होती हैं। प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्र में मशीनें चलने लगी हैं। ऐसे में जिन किसानों के खेत में गेहूं की फसल खड़ी है और बगल में रीपर चलने से आग लग गई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। स्ट्रा रीपर मालिक और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा शर्तों का पालन कराते हुए ही स्ट्रा रीपर को चलवाएं।
