गोरखपुर, जेएनएन। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर बांद्रा-गोरखपुर स्पेशल एक्सप्रेस से उतरे यात्रियों के चेहरे पर असमंजस के भाव थे। घर पहुंचने की जितनी खुशी थी, उतनी ही भविष्य को लेकर चिंता। कहीं फिर से फंस न जाएं, इस भय से प्रवासियों का पलायन तेज होता जा रहा है। लोगों का कहना है, पता नहीं किसकी नजर लगी और मुंबई में धीरे-धीरे पिछले साल जैसे हालात बनने लगे है। सिनेमा हाल, माल और होटल आदि बंद होने लगे हैं। कंपनियां तो खुली हैं, लेकिन वहां भी अब शिफ्ट वाइज काम मिल रहा है। ऊपर से लाकडाउन का डर।

मुंबई के हालात देख प्रवासियों को सताने लगी है लाकडाउन की चिंता

देवरिया निवासी वापी स्थित एक फैक्ट्री में वेल्डर का कार्य करने वाले रवि प्रकाश ने बताया कि मुंबई में स्थिति तेजी के साथ बिगड़ रही है। कंपनियां किसी तरह चल रही है, लेकिन कब बंद हो जाएंगी। कोई नहीं जानता। अब तो 15-15 दिन का काम मिलने लगा है। पिछले साल स्थिति सामान्य होने के बाद रोजीरोटी की आस में वापस मुंबई पहुंचे प्रवासी डरने लगे हैं। सूरत की कंपनी में कपड़े की बुनाई करने वाले बाबूलाल ने बताया कि सूरत के हालात भी चिंताजनक हैं। कोरोना का डर तो सता ही रहा है, कहीं लाकडाउन न हो जाए। इसको लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है।

इसलिए बढ़ रही आने वालों की संख्‍या

दरअसल, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के अलावा पंचायत चुनाव और वैवाहिक कार्यक्रमों में भाग लेने घर आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि, यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे बोर्ड ने रुटीन स्पेशल के अलावा अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी है। उनका संचालन भी शुरू हो गया है। इसके बाद भी ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा। फिलहाल, मुंबई से पूर्वोत्तर रेलवे की ट्रेनों में करीब 15 हजार यात्री टिकट बुक करा रहे हैं। जिसमें औसत छह हजार गोरखपुर पहुंच रहे हैं। अधिकतर यात्री लखनऊ, गोंडा, बस्ती, खलीलाबाद, खलीलाबाद, बढऩी, आनंदनगर, भटनी और देवरिया में ही उतर जा रहे हैं।

क्‍या कहते हैं मुंबई से आने वाले यात्री

गोरखपुर के शैलेंद्र गुप्‍त का कहना है कि - पहले से टिकट बुक कराया था। इधर, संक्रमण बढ़ गया है। कोरोना को लेकर लोगों में भय बढऩे लगा है। घर जा रहा हूं। स्थिति सामान्य होने पर ही वापस जाउंगा। भटनी के अर्जुन कुमार का कहना है कि मुंबई के लगभग सभी क्षेत्रों में नाइट कफ्र्यू लग गया है। दिन में भी कड़ाई बढ़ती जा रही है। अब तो होटल, सिनेमाहाल और माल भी बंद हो रहे हैं। देवरिया के राहुल यादव का कहना है कि  पिछले साल जैसी स्थिति बन रही है। कामगार डरने लगे हैं। पता नहीं कब कंपनियों पर भी ताला लग जाए। संक्रमण बढ़ रहा है। घर जा रहा हूं। वोट भी डाल लूंगा। वहीं महराजगंज के शैलेष कुमार बताते हैं कि पहले से ही टिकट कराया था। घर में शादी है। लेकिन मुंबई की स्थिति ठीक नहीं है। मई में वापसी का टिकट कराया हूं। लेकिन अब स्थिति सामान्य होगा तभी जाउंगा।

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