गोरखपुर (जेएनएन) : ब्यूटी पार्लर संचालिका रेनू सिंह की हत्या में किसी करीबी का तो हाथ नहीं है? आशंका तो इसी बात की जताई जा रही है। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन इस आशंका से इन्कार भी नहीं कर रही है। तहरीर में पति ने लूटपाट के लिए हत्या होने की आशंका जाहिर की है लेकिन फोरेंसिक टीम की शुरुआती जांच में फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। हत्या किसने और क्यों की, इसका अभी कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसके बावजूद एसएसपी ने बहुत जल्द घटना का पर्दाफाश करने का भरोसा जताया है। सिर पर तीन बार किया गया था वार : रेनू सिंह की हत्या सिर पर किसी भारी और ठोस चीज से सिर पर तीन वार किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में लगी चोट को ही मौत की वजह बताया गया है। इसके अलावा पीठ, सीने, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान मिले हैं। सिर पर प्रहार किए जाने की वजह से दीवार पर खून के छींटे पड़े हुए थे। इस आधार पर माना जा रहा है कि सोते समय उन पर वार किया गया होगा। फर्श पर गिरा था एक कान का झुमका : रेनू सिंह की लाश बेड पर पड़ी थी और कमरे में रखा सामान बिखरा हुआ था। वह सोने के झुमके पहनती थीं। दोनों झुमके गायब थे। कान का निचला हिस्सा फटा हुआ था। इससे साफ है कि झटका देखकर झुमके खींचे गए थे। जिससे कान फट गया। बाद में छानबीन करने पर एक कान का झुमका सीढ़ी के पास फर्श पर गिरा मिला। कमरे में रखी आलमारी खुली थी और उसमें रखा सामान भी फर्श पर बिखर गया था। कान के झुमके गायब होने और आलमारी खुली होने की वजह से ही पति ने लूट के लिए हत्या होने की आशंका जताई है। पति ने तीन संदिग्धों को देखने का किया दावा : दो माह पहले रेनू सिंह का एपेंडिक्स का आपरेशन हुआ था। तभी से वह बेड रेस्ट पर थीं। पति उनकी देखभाल करते थे। उनके आपरेशन के बाद मंगलवार को भोर में वह पहली बार टहलने निकले थे। एक घंटे बाद टहलकर लौटे तो घर में पत्‍‌नी की लाश मिली। बाद में पुलिस के पहुंचने पर बताया कि लौटते समय रास्ते में घर के मोड़ पर तीन संदिग्ध लोगों को उन्होंने जाते हुए देखा था, लेकिन उस समय उन्हें किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ। अब उन्हें शक है कि वहीं तीनों संदिग्ध इस घटना को अंजाम दे सकते हैं। तोड़ी नहीं खोली गई थी आलमारी : रेनू सिंह के कमरे में रखी जिस आलमारी के खुले होने की वजह से लूटपाट की आशंका जताई जा रही है उसे तोड़ा नहीं बल्कि खोला गया था। फोरेंसिक जांच टीम ने भी आलमारी का लाक तोड़ने नहीं बल्कि चाबी से खोलने की बात कही है। हालांकि इस बात की संभावना है कि कमरे में ही कहीं चाबी रखी रही हो, जिसका इस्तेमाल कर हत्यारे ने आलमारी खोल लिया हो। सीसी टीवी फुटेज में दिख रहा सन्नाटा : काफी तलाश के बाद सुनील सिंह के घर से थोड़ी दूर एक मोड़ के कोने में घर के बाहर सीसी टीवी कैमरा लगा मिला। उसकी फुटेज में भोर में तीन बजे से लेकर सुबह पांच बजे के बीच एक कुत्ता और एक महिला ही उस रास्ते से गुजरते दिख रहे हैं। पानी की टंकी के पास से लौटा खोजी कुत्ता : पुलिस ने मौके पर छानबीन के लिए डाग स्क्वाड को भी बुलाया था। रेनू सिंह के कमरे से निकलकर खोजी कुत्ता पहले सूर्य विहार कालोनी के मुख्य मार्ग पर पहुंचा वहां से तकीया कवलदह मोहल्ले में स्थित पानी की टंकी के पास जाकर वापस घटनास्थल पर आ गया। खोजी कुत्ते से मिले संकेत को पुलिस समझने का प्रयास कर रही है। मोबाइल काल डिटेल और टावर लोकेशन खंगाल रही पुलिस : रेनू सिंह की हत्या में पुलिस अभी हवा में ही तीर चला रही है। कोई ऐसी ठोस कड़ी उसके हाथ नहीं लगी है, जिसकी मदद से हत्यारों तक पहुंच सके। हत्यारे का सुराग लगाने के लिए रेनू सिंह के मोबाइल फोन का काल डिटेल और घटना के समय घर के आसपास काम कर रहे मोबाइल फोन के बारे में पता लगने के लिए पुलिस टावर लोकेशन खंगाल रही है। किरायेदार को नहीं लग पाई घटना की भनक : सुनील सिंह के घर में रितेश वर्मा किरायेदार थे। मूल रूप से वह कोतवाली क्षेत्र के रुद्रपुर मोहल्ले के रहने वाले हैं। दीपावली के बाद उन्होंने सुनील सिंह के घर में भूमि तल पर ब्यूटी पार्लर के बगल वाला कमरा किराये पर लिया था और पत्‍‌नी तथा मां के साथ रह रहे थे। छत पर जाने के लिए सीढ़ी उनके कमरे के बगल से ही होकर जाती है। इसके बावजूद किरायेदार को घटना की भनक नहीं लग पाई। यहां तक की सुनील सिंह ने उन्हें जगाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने कमरा नहीं खोला। बाद में पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह लोग रात में ढाई से तीन बजे तक जागते रहते हैं और दूसरे दिन देर तक सोते हैं। इसीलिए उनकी नींद नहीं खुली। दस साल से गोरखपुर में रह रहे सुनील : सुनील सिंह दस साल से गोरखपुर में रह रहे हैं। शुरू के तीन साल सूरजकुंड कालोनी में वह किराये के घर में रहते थे। बाद में सूर्य विहार कालोनी में उन्होंने अपना घर बनवा लिया। बेरोजगार थे, इसलिए दो टेंपो खरीदकर चलवाते थे। हालांकि इसमें घाटा होने पर साल भर पहले उन्होंने दोनों टेंपो बेच दिया था। पत्‍‌नी ने वीएलसीसी से ब्यूटीशियन का कोर्स किया था। इसलिए नियमित आय के लिए उन्होंने घर में ब्यूटी पार्लर खोल लिया और साथ में ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया। सुनील सिंह दो तीन भाई थे। एक भाई अविवाहित थे। कुछ साल पहले उनकी मौत हो गई थी। दो भाइयों में से एक संतकबीरनगर जिले में स्थित पैतृक गांव में रहते हैं और सुनील सिंह नेवास गांव में ननिहाल में मिले नेवासे की जायदाद की देखभाल करते थे।

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