सिद्धार्थनगर : सपने हकीकत में तब बदलते हैं, जब उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाए। अपने अभिनव प्रयास से एक कार्यकाल में पांच राष्ट्रीय व एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाला गुलाबी गांव हसुड़ी औसानपुर ने अपने अस्पताल का सपना साकार कर दिया। न तो जमीन की कमी आड़े आई और न ही धन की। भनवापुर विकास खंड की इस ग्राम पंचायत ने ग्राम समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटवाकर उसपर 10 बेड का अस्पताल बनवा दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसका संज्ञान लेकर यहां आने का आश्वासन दिया है।

संभवत: यह पहली ग्राम पंचायत है, जिसका अपना अस्पताल होगा। इस बार दोबारा निर्वाचित ग्राम प्रधान दिलीप त्रिपाठी ने यह अस्पताल शासन को सौंपने का प्रस्ताव भेजा है, जो स्वीकृत हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक को पत्र भेजकर अस्पताल संचालन संबंधी आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने भी निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। यहां डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्राम निधि में व्यवस्था नहीं, ग्रामीणों ने जुटाई रकम

सालों पहले इलाज के अभाव में मां समेत गांव के कई लोगों को दम तोड़ते देख दिलीप त्रिपाठी गांव में अस्पताल बनवाना चाहते थे। हालांकि, ग्राम निधि से अस्पताल निर्माण का प्रविधान न होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया, लेकिन कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने इसे पूरा कर दिखाया। ग्राम सभा की भूमि चिह्नित कर कब्जा हटवाया। मनरेगा व ग्राम निधि से स्नानागार और शौचालय बनवाए। गांव निवासी और ठेकेदार रोहित त्रिपाठी, प्रगतिशील किसान कौशल कुमार त्रिपाठी, आदित्य, अभिषेक, श्रेयाशी आदि संग मिलकर 20 लाख रुपये जुटाए और अस्पताल तैयार हो गया।

टेली मेडिसिन की भी सुविधा

10 बेड के इस अस्पताल में टेली मेडिसिन की भी सुविधा मिलेगी। कोविड संबंधी समस्याओं को देखते हुए हर बेड के लिए आक्सीजन कंसंट्रेटर का आर्डर दे दिया गया है। यहां जीवनरक्षक दवाएं हर समय रहेंगी। एक्स-रे मशीन भी लगाई जाएगी।

सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देश पर हसुड़ी औसानपुर गांव में बने अस्पताल की रिपोर्ट भेज दी गई है। यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल से पांच हजार लोगों को लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने कहा कि हसुड़ी औसानपुर के ग्राम प्रधान ने गांव में अस्पताल बनाकर सरकार को भेंट करने का प्रस्ताव दिया है। यह सराहनीय पहल सभी ग्राम पंचायतों के लिए नजीर बनेगी। ग्राम पंचायतें इसी प्रकार जागरूक हो जाएं, तो प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लेकर यहां आने का आश्वासन भी दिया है।

Edited By: Jagran