गोरखपुर, जेएनएन। निजी कालेजों से नर्सिंग अंतिम वर्ष की तीन सौ छात्राओं को बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में प्रशिक्षण देने का रास्ता साफ हो गया है। इन नर्सों को कोविड अस्पताल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। भविष्य में कोरोना संक्रमण को देखते हुए इन नर्सों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाएगा। मेडिकल कालेज प्रशासन नर्सों को मानदेय भी देगा।

अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमितों को इलाज के साथ देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। समय से दवा, समय से भाप आदि मिलने से मरीज जल्द ठीक होता है। निजी अस्पतालों में से ज्यादातर में नर्स की व्यवस्था अच्‍छी है लेकिन सरकारी कोविड अस्पतालों में नर्सों की कमी के कारण मरीजों के साथ ही डाक्टरों को भी दिक्कत होती है। कई मरीजों पर इक्का-दुक्का नर्स होने के कारण समय से इंजेक्शन भी नहीं लग पाते हैं। मेडिकल कालेज के कोविड अस्पताल में नर्स की कमी को देखते हुए शासन ने नई व्यवस्था बनाई है।

भविष्य के लिए जरूरी

शासन का मानना है कि जिस तरह कोरोना वायरस के नए-नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए भविष्य में भी बचाव और अ'छे इलाज की जरूरत पड़ेगी। कोविड अस्पतालों में डाक्टरों के साथ ही नर्सों के काम का लाभ बाद में भी मिलेगा। खुद को वायरस से बचाते हुए मरीजों की सेवा करने का प्रशिक्षण पहली बार अंतिम वर्ष की छात्राओं को मिलेगा।

वार्ड ब्वाय और स्वीपर की भी होगी भर्ती

मेडिकल कालेज के तीन सौ औ दो सौ बेड कोविड अस्पतालों में अभी दो सौ वार्ड ब्वाय और 50 स्वीपर की जरूरत है। कालेज प्रशासन ने निजी एजेंसी के माध्यम से इनकी आउटसोर्सिंग पर तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बाबा राघवदास मेडिकल कालेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डा. पवन प्रधान का कहना है कि निजी कालेजों से नर्सिंग अंतिम वर्ष की तीन सौ छात्राएं जल्द कोविड अस्पताल में प्रशिक्षण के लिए आएंगी। इससे मरीजों को और सहूलियत मिलेगी। वार्ड ब्वाय और स्वीपर की आउटसोर्सिंग पर तैनाती की जाएगी।