गोरखपुर, जागरण संवाददाता : नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली के खेल का पर्दाफाश हुआ है। नगर आयुक्त के सामने पहुंचे युवक ने एक नगर निगमकर्मी पर नौकरी के नाम पर रुपये लेने की शिकायत की तो उन्होंने तत्काल जांच कराई। पता चला कि संविदा पर तैनात चालक ने रुपये वसूले हैं। नगर आयुक्त ने चालक को हटाने के निर्देश दिए। इसकी जानकारी आरोपित चालक को हुई तो वह युवक को जान से मारने की धमकी देने लगा। नगर आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए उप नगर आयुक्त संजय शुक्ल को निर्देश दिए हैं।

आठ महीने पहले शिकायतकर्ता से लिए गए 11 हजार रुपये

नगर आयुक्त से शिकायत करने वाले मो. अब्दुल कादिर ने बताया कि आठ महीने पहले उससे 11 हजार रुपये लिए गए थे। आरोपित ने बताया था कि वह नगर निगम का कर्मचारी है और आसानी से नौकरी दिला देगा। बाद में उसने और रुपये लिए। जब भी नौकरी की बात करो तो वह टरका देता है।

पार्षद ने कुछ रुपये वापस दिलाए

मो. अब्दुल कादिर ने बताया कि एक बार उसने नगर आयुक्त से शिकायत करने की बात कही थी तो एक पार्षद ने मध्यस्थता कर छह हजार रुपये वापस दिलाए थे। इसके बाद रुपये नहीं मिले। अब रुपये मांगने पर आरोपित जान से मारने की धमकी भी देने लगा है।

फोन आते ही मिलने लगी धमकी

नगर आयुक्त ने अपने स्टेनो बृजेश तिवारी को आरोपित से बात करने के निर्देश दिए। स्टेनो ने बात कर पूरी जानकारी लेनी चाही तो फोन कट गया। नगर आयुक्त ने कार्रवाई का निर्देश देकर शिकायत करने वाले युवक को भेज दिया। थोड़ी देर बाद युवक फिर नगर आयुक्त के कमरे में आया और शिकायती पत्र वापस मांगने लगा। नगर आयुक्त ने कारण पूछा तो वह रोने लगा। बताया कि आरोपित शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।

नगर निगम में भर्ती के नाम पर कोई रुपये मांगे तो करें शिकायत

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि युवक स्नातक पास है लेकिन भर्ती के नाम पर वसूली करने वालों के चक्कर में फंस गया है। आरोपित चालक को तत्काल निकालने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम में भर्ती के नाम पर कोई भी रुपये मांगे तो तत्काल इसकी शिकायत अफसरों से करें। पूरे परिसर में जगह-जगह इसकी सूचना भी चस्पा कराई जा रही है।

Edited By: Rahul Srivastava