गोरखपुर, जागरण टीम। देवरिया जिले में कोटेदारों व अधिकारियों की मिलीभगत से भारी संख्या में अपात्र सरकारी खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद भी अपात्र राशन कार्ड को सरेंडर नहीं कर रहे हैं। लार क्षेत्र के 71 गांवों के 62 लोगों ने अभी तक कार्ड सरेंडर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही से जांच करा दी जाए तो हर गांव में एक तिहाई से अधिक लोग अपात्र मिलेंगे।

आपूर्ति विभाग का कहना है कि यदि 31 मई तक अपात्र राशन कार्ड सरेंडर नहीं करते हैं तो उनसे वसूली की जाएगी। 31 मई के बाद अपात्रों से 24 रुपये प्रति किलो गेहूं और 32 रुपये प्रति किलो की दर से चावल की वसूली की जाएगी।

अपात्र श्रेणी में हैं ये लोग: शासनादेश के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में समस्त आयकर दाता, ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी या पांच केवी या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर का उपयोग करते है। ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्य के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो, परिवार के सदस्यों की वार्षिक आय दो लाख से अधिक है, वह लोग अपात्र की श्रेणी में है।

शासन के इस मानक को देखा जाय तो अधिकतर लोग गरीबों का हक लूट रहे हैं। पूर्ति निरीक्षक अख्तर सगीर ने बताया कि लार क्षेत्र में कुल 34469 कार्ड धारक हैं। अबतक मात्र 62 लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर किया है।

बरहज के अपात्र स्वेच्छा से समर्पण करें राशन कार्ड: शासन के निर्देश पर अपात्र कार्ड धारकों के कार्ड निरस्त किए जाने लगे हैं। अपात्र स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड पूर्ति कार्यालय को सरेंडर कर दें। 31 मई तक सरेंडर नहीं करने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बरहज क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक श्रीनारायण यादव ने बताया कि राशनकार्ड के जिन यूनिट पर आधार कार्ड सीड नहीं हुए है। लाभार्थी तत्काल पूर्ति कार्यालय से संपर्क कर आधार कार्ड से सीड करा लें। सीड न होने की दशा में उनके कार्ड स्वतः निरस्त कर दिए जाएंगे। शासन के निर्देश पर सभी श्रेणी के 150 राशन कार्डधारकों ने राशन कार्ड पूर्ति कार्यालय में सरेंडर किया है।

Edited By: Pragati Chand