गोरखपुर, डॉ. राकेश राय। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवा भारती ने 'नर सेवा नारायण सेवा' के संकल्प के साथ लॉकडाउन में जरूरतमंदों की मदद का जो बीड़ा उठाया था, उसे वह बखूबी अंजाम दे रही है। सेवा भारती महानगर में सवा लाख परिवारों तक निवाला पहुंचा चुकी है। पूरे गोरक्ष प्रांत (गोरखपुर, बस्ती व आजमगढ़ मंडल) में यह आंकड़ा करीब सवा दो लाख पहुंच चुका है। यह सिलसिला जारी है। महानगर में 482 और प्रांत में 17555 स्वयंसेवक सेवा कार्य को अंजाम दे रहे हैं। संघ ने कोरोना योद्धाओं की भी चिंता की है। उसकी ओर से योद्धाओं में सुबह चाय-नाश्ते का वितरण किया जाता है।

फोन कर कोई भी ले सकता है सहायता

हर परिवार को छह किलो आटा, तीन किलो चावल, डेढ़ किलो दाल, तीन किलो आलू, एक किलो नमक और 250 ग्राम सरसो के तेल के साथ तैयार खाद्य सामग्री का पैकेट दिया जा रहा है। महानगर के पक्कीबाग सरस्वती शिशु मंदिर में बनाए गए आपदा राहत केंद्र में राहत सामग्री पैकेट तैयार होता है। इस केंद्र पर 40 कार्यकर्ता दिन-रात कार्य कर रहे हैं। मदद के लिए महानगर में 49 और गोरक्ष प्रांत में 2159 सेवा स्थान बनाए गए हैं। आपदा राहत कार्य के संयोजक और संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख अरुण प्रकाश मल्ल ने बताया कि सेवा भारती की ओर से आमजन के लिए हेल्पलाइन जारी की गई है। हेल्पलाइन नंबर 8115853156 और 8840647694 पर फोन कर कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता प्राप्त कर सकता है।

प्रवासी मजदूरों की भी कर रहे मदद

लॉकडाउन के दौरान देश भर से प्रवासी मजदूरों और कामगारों के तकलीफ उठाकर घर पहुंचने की खबर को संघ ने गंभीरता से लिया है। सेवा भारती ने गोरक्ष प्रांत के दायरे में आने वाले सभी जिलों के प्रवेश द्वार पर राहत कैंप लगाया है, जहां से निरंतर गुजरने वाले मजदूरों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्हें भोजन सामग्री तो उपलब्ध कराई ही जा रही है, नंगे पांव मजदूरों को चप्पल भी मुहैया कराई जा रही है। सेवा भारती के प्रांतीय मंत्री डॉ. राजेश गुप्त विक्रमी ने बताया कि संघ की ओर से मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन को 11 बसें भी उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

Posted By: Pradeep Srivastava

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