गोरखपुर, जेएनएन। राप्ती नदी में जलस्तर बढऩे के साथ ही इलाहीबाग, डोमिनगढ़, कटनिया और बसियाडीह के रेग्युलेटरों को बंद कर दिया गया है। इन रेग्युलेटरों तक जाने वाले शहर के पानी को पंङ्क्षपग सेट के जरिये राप्ती नदी में डाला जा रहा है।

नगर आयुक्‍त किया निरीक्षण

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने रेग्युलेटरों का निरीक्षण किया। सभी पंप बिजली से संचालित हो रहे थे। नगर आयुक्त ने कहा कि सभी पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल के भी इंतजार कर लिए जाएं। ताकि बिजली आपूर्ति ठप होने की स्थिति में डीजल पंपों को चलाकर शहर का पानी निकाला जा सके। इस दौरान जलकल महाप्रबंधक एसपी श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र, सहायक नगर आयुक्त वैभव त्रिपाठी, अनिल कुमार श्रीवास्तव, सौरभ सिंह आदि मौजूद रहे।

मिर्जापुर और लालडिग्गी के रेग्युलेटर अभी खुले

मिर्जापुर और लालडिग्गी के रेग्युलेटर अभी खुले हुए हैं। यह रेग्युलेटर राप्ती नदी से ज्यादा दूरी पर हैं। नदी का जलस्तर ज्यादा बढऩे पर इन रेग्युलेटरों को बंद किया जाता है। नगर आयुक्त ने इन रेग्युलेटरों का भी निरीक्षण किया और दिन-रात अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

इसलिए बंद किया जाता है रेग्युलेटर

राप्ती नदी के किनारे रेग्युलेटर बनाए गए हैं। जब नदी का जलस्तर कम रहता है तो रेग्युलेटर खुले रहते हैं। जैसे ही जलस्तर बढ़ता है रेग्युलेटर को बंद कर दिया जाता है। नदी का जलस्तर ज्यादा बढऩे पर पानी शहर में आने से रोकने के लिए रेग्युलेटरों को बंद कर दिया जाता है। नगर आयुक्त अविनाश सिंह का कहना है कि राप्ती और रोहिन नदियों के बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए नगर निगम प्रशासन सतर्क है। शहर का पानी बाहर निकालने के लिए 24 घंटे पंप चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों की टीम लगातार रेग्युलेटरों पर नजर रखे हुए है। वैसे भी बारिश में संबंधित मोहल्‍लों में जल जमाव हो जाता है। मोहल्‍लों की सड़कों और गलियों से पानी निकालने में काफी वक्‍त लगता है। राप्‍ती नदी में पानी आने से ज्‍यादा दिक्‍कतों का सामना करना पड़ सकता है।

Edited By: Satish Chand Shukla