रामगढ़ताल में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, चारों ओर बनेंगी फ्लोटिंग जेटी, वेटलैंड कमेटी से मिली मंजूरी
रामगढ़ताल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जीडीए चार-पांच नई फ्लोटिंग जेटी बनाएगा, जिससे पर्यटक नाव के जरिए ताल के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच सकेंगे।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रामगढ़ताल को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) एक नई पहल करने जा रहा है।
पर्यटकों को ताल के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से पहुंचाने और नौकायन के अनुभव को और आकर्षक बनाने के लिए अब यहां एक स्थायी जेटी पर निर्भर रहने के बजाय चार से पांच फ्लोटिंग जेटी विकसित की जाएंगी। इनके निर्माण के लिए राज्य वेटलैंड कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही योजना पर अमल शुरू हो जाएगा।
वर्तमान में रामगढ़ताल में नौकायन स्थल के पास एक पुरानी जेटी संचालित है, लेकिन नई योजना के तहत ताल के विभिन्न किनारों पर छोटे आकार की फ्लोटिंग जेटी स्थापित की जाएंगी।
इन जेटी तक पर्यटक नाव के जरिए पहुंच सकेंगे और एक स्थान से दूसरे स्थान तक जलमार्ग का आनंद लेते हुए भ्रमण कर सकेंगे। इससे रामगढ़ताल की पूरी परिधि पर्यटन गतिविधियों से जुड़ जाएगी।
जीडीए की योजना के अनुसार आरकेबीके (वर्तमान स्मार्ट व्हील्स) के पास, सहारा एस्टेट के निकट और चिड़ियाघर के आसपास फ्लोटिंग जेटी बनाई जाएंगी। इसके अलावा अन्य दिशा में भी एक और जेटी विकसित करने की तैयारी है।
प्रस्तावित पुलिस चौकी के समीप भी जेटी निर्माण की योजना बनाई गई है। प्रत्येक जेटी के पास वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, ताकि पर्यटकों को आने-जाने में सुविधा मिल सके।
नई जेटी के साथ मजबूत पिलर भी लगाए जाएंगे। प्रत्येक जेटी पर करीब चार पिलर बनाए जाने की योजना है। इनका उद्देश्य भविष्य में बोट संचालन के दौरान नावों को सुरक्षित ढंग से बांधने की सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही ये पिलर फ्लोटिंग जेटी को अतिरिक्त मजबूती भी देंगे। हालांकि इनका आकार वर्तमान स्थायी जेटी की तुलना में छोटा रखा जाएगा।
रामगढ़ताल में मौजूद करीब 38 वर्ष पुरानी जेटी का हाल ही में थर्ड पार्टी से सुरक्षा आडिट भी कराया गया है। जांच में एक पिलर अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, जबकि पूरी जेटी को सुरक्षित माना गया है।
इसके साथ ही ताल के चारों ओर सुंदरीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। सितंबर तक ताल रिंग रोड के भी पूरा होने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे पर्यटक रामगढ़ताल के हर हिस्से तक पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें।
फ्लोटिंग जेटी के निर्माण से रामगढ़ताल में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। पर्यटक नाव के माध्यम से एक जेटी से दूसरी जेटी तक आसानी से पहुंच सकेंगे और ताल का विस्तृत भ्रमण कर सकेंगे। यह व्यवस्था न केवल पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि रामगढ़ताल को एक आधुनिक और आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान भी दिलाएगी।
-अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, जीडीए
