गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-8 पर खड़ी गोदान एक्सप्रेस की बोगी में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोनों आरोपित रेलकर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। दोनों कर्मचारी कैरेज एंड वैगन विभाग में हेल्पर के पद पर तैनात थे। तीसरा साथी रेलवे स्टेशन पर कार्य करने वाला मजदूर था। फिलहाल, दोनों रेलकर्मियों सहित तीनों आरोपित जेल में हैं।

मऊ जनपद की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी की तहरीर पर राजकीय रेलवे पुलिस आरोपित हरिकात सिंह, शभू रजक और चौथी के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। 26 अगस्त को जीआरपी और आरपीएफ की गश्त टीम ने तीनों आरोपितों को मौके से ही गिरफ्तार किया था। किशोरी का आरोप है कि तीनों ने उसे बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया है। मेडिकल परीक्षण में भी सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आने के बाद रेलवे प्रशासन भी गंभीर हो गया। रेलवे प्रशासन ने आनन-फानन दोनों आरोपित रेलकर्मियों को निलंबित कर दिया। अब सेवा समाप्त कर दी गई है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव के अनुसार दोनों आरोपित रेलकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई भी सुनिश्चित कर दी गई है।

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बिहार के रहने वाले

हैं आरोपित रेलकर्मी

दोनों आरोपित रेलकर्मी बिहार के रहने वाले हैं। आरोपित रेलकर्मी हरिकांत सिंह वैशाली जिले के राजापाकर थाना क्षेत्र स्थित बभनदास गाव तथा दूसरा आरोपित शंभू रजक भागलपुर जिले के बाथ थाना क्षेत्र स्थित नया गाव का निवासी है। तीसरा आरोपित मजदूर चौथी देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र स्थित माहीगंज निवासी है।

Posted By: Jagran

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