संतकबीर नगर: मनरेगा में नेशनल मोबाइल मानीटरिग सिस्टम (एनएमएमएस) से आनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की प्रगति काफी खराब है। ऐसे कार्य स्थल जहां पर कम से कम 20 मनरेगा मजदूर काम करते हैं, वहां पर इससे उपस्थिति दर्ज करानी है। इसके लिए सभी रोजगार सेवक एंड्रायड मोबाइल में एप इंस्टाल किए हुए हैं। इन्हें इस एप के जरिए एनएमएमएस से उपस्थिति दर्ज करने के लिए बार-बार निर्देश दिए जाते हैं लेकिन ये इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह से यह स्थिति है।

केंद्र सरकार ने मनरेगा के कार्य में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एनएमएमएस प्रणाली लागू की है। इसके लिए एप विकसित किया गया है। जनपद के अधिकतर रोजगार सेवकों ने एंड्रायड मोबाइल पर इस एप को इंस्टाल कर लिया है। जिस कार्यस्थल पर कम से कम 20 मनरेगा मजदूर काम करते हैं। वहां पर काम करने वाले मजदूरों की उपस्थिति एनएमएमएस से आनलाइन दर्ज करनी होती है। जनपद के जिले में 754 में से सिर्फ 53 ग्राम पंचायतों में एनएमएमएस से उपस्थिति दर्ज की जा रही है, बाकी ग्राम पंचायतों में नहीं। यही कारण है कि मनरेगा में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कागज में चकाचक लेकिन धरातल की स्थिति बेहद खराब है। मजदूर काम के लिए शहरों में जाते हैं। जनपद के ग्राम पंचायतों की यह है स्थिति

ब्लाक : कुल ग्रापं: एनएमएमएस उपयोग वाले ग्रापं

बघौली : 81 : 07 बेलहरकलां : 66 : 09

हैंसर बाजार : 86 : 04 खलीलाबाद : 97 : 01

मेंहदावल : 71 : 10 नाथनगर : 103 : 05

पौली : 56 : 01 सांथा : 81 : 14

सेमरियावां : 113 : 02 योग : 754 : 53 जनपद के सभी नौ ब्लाकों के बीडीओ को पत्र जारी कर प्रगति में सुधार लाने के लिए कहा गया है। यदि प्रगति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जा सकती है।

सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव-सीडीओ

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