गोरखपुर, जेएनएन। गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकारण) ने 13 और फैक्ट्रियों को चालू करने की अनुमति दे दी है। एक अप्रैल को सीईओ ने कुल 34 उद्यमियों को फैक्ट्रियों को चलाने की अनुमति दी थी। इस तरह अब तक कुल 47 फैक्ट्रियों के संचालन की अनुमति मिली चुकी है।

श्रमिकों की शिकायत की हो रही जांच

गीडा प्रशासन ने उद्योग चलाने वाले उद्यमी किसी भी दशा में श्रमिकों का वेतन नहीं रोकेंगे। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ श्रमिक वेतन भुगतान को लेकर शिकायत कर रहे हैं, जिसकी जांच कराई जा रही है। मजदूरी नहीं देने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।

गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि कार्यालय में आए उद्यमियों को फैक्ट्रियों को शुरू करने का दिशा-निर्देश दे दिया गया है। अब इन 13 फैक्ट्रियों में भी उत्‍पादन शुरू हो जाएगा। इससे पले भी 34 उद्यमियों को कारखाना शुरू करने का निर्देश दिया जा चुका है और वहां उत्‍पादन भी शुरू है।

श्रमिकों का वेतन भुगतान रोकने की शिकायत

उधर, गीडा कार्यालय में बैठे अपर एसीईओ एके सिंह के मोबाइल पर कुछ श्रमिकों का फोन आया कि उनके मालिकों द्वारा वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। एसीईओ ने फैक्ट्री मालिकों से तत्‍काल बात की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि वेतन रुका तो आवश्‍यक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में श्रमिकों का वेतन नहीं रुकना चाहिए। इस दौरान वरिष्ठ प्रबंधक सिविल केआर वर्मा, सहायक प्रबंधक बृजेश कुमार, रमेश प्रजापति, मंजूर आलम, संतोष गुप्ता, राकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

पहले से 34 इकाइयों में शुरू है उत्‍पादन

लॉकडाउन में गोरखपुर एवं आसपास के जिलों में जरूरी सामान की कमी नहीं होगी। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) एवं गोरखनाथ स्थित इंडस्ट्रियल इस्टेट में करीब 34 इकाइयों में उत्‍पादन जारी है। यहां आटा, मैदा, ब्रेड, बिस्किट एवं बेकरी के अन्य सामान का उत्पादन हो रहा है।

इन सामग्रियों का हो रहा निर्माण

इन 34 फैक्ट्रियों में नौ फ्लोर मिल हैं, जहां आटा व मैदा का उत्पादन हो रहा है। इससे चोकर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो रहा है। मैदा उपलब्ध होने से ब्रेड, बिस्किट की फैक्ट्रियां भी चल पड़ी हैं। बेकरी के अन्य सामान भी बाजार में पहुंच रहे हैं। 10 से 12 फैक्ट्रियां पशु आहार बना रही हैं। माल की आपूर्ति के लिए बोरे भी बनाए जा रहे हैं। गीडा की दो फैक्ट्रियां करीब 60 हजार बोतल प्रतिदिन सैनिटाइजर बना रही हैं। उद्यमियों के अनुसार प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है।

30 फीसद क्षमता पर चल रहीं मिलें

संचालित फ्लोर मिलों का क्षमता 2000 टन प्रतिदिन की है। इस समय गेहूं कम मिलने, ट्रांसपोर्ट बंद होने से करीब 30 फीसद ही उत्पादन हो रहा है। माल बाहर न जाने के कारण गोरखपुर एवं आसपास के जिलों में पर्याप्त सामान उपलब्ध हो जा रहा है। हर फैक्ट्री में फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है।

प्रतिदिन तैयार हो रहे 20 हजार मास्क

जिले में विभिन्न संस्थाओं की ओर से करीब 20 हजार मास्क प्रतिदिन तैयार कराए जा रहे हैं। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के सहयोग से इंडस्ट्रियल इस्टेट में भी मास्क बनाए जा रहे हैं। प्रशासन का पूरा सहयोग है। संचालन के दौरान सभी नियमों का पालन हो रहा है। इस क्षेत्र में जरूरी वस्‍तुओं की कोई कमी नहीं है। 

Posted By: Satish Shukla

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