गोरखपुर, जेएनएन। एम्स में अचानक साढ़े तीन घंटे सर्वर फेल रहा। सुबह आठ बजे बीएसएनएल को सूचना देने के बाद सर्वर सुबह 11.30 बजे ठीक हो सका। रजिस्ट्रेशन व ओपीडी पर्चा काउंटर पर मरीजों-तीमारदारों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कर्मचारियों ने मोबाइल से कंप्यूटर जोड़कर किसी तरह काम चलाया। एम्स के कर्मचारी जब सुबह आठ बजे कंप्यूटर खोले तो कनेक्टिविटी गायब थी। 8.05 बजे बीएसएनएल के संबंधित एसडीओ को सूचना दी, लेकिन कोई पहुंचा नहीं।
रजिस्ट्रेशन व पर्चा काउंटर पर मरीजों-तीमारदारों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। लाइन ओपीडी भवन के बाहर तक लग गई। कर्मचारियों ने अपने मोबाइल से कंप्यूटर जोड़कर रजिस्ट्रेशन व पर्चा बनाना शुरू किया, लेकिन अपेक्षाकृत स्पीड नहीं मिल पा रही थी। पर्चा बनने लगा और मरीज डॉक्टर के पास पहुंच भी गए, लेकिन डॉक्टर दवा पर्चे पर लिख दे रहे थे। कनेक्टिविटी न होने से जांच नहीं लिख पा रहे थे। जांच ऑनलाइन लिखी जाती है और उसका शुल्क ऑनलाइन ओपीडी में जमा किया जाता है, इसलिए पर्चा बनने के अलावा अन्य कार्य पूरी तरह ठप हो गया था।
बीएसएनएल के कर्मचारी सुबह लगभग 11 बजे एम्स पहुंचे। 11.30 बजे तक कनेक्टिविटी बहाल हो पाई। जीएम बीएसएनएल देवेंद्र सिंह ने कहा कि एसडीओ को एम्स की कनेक्टिविटी हमेशा ठीक रखने का निर्देश दिया गया है। चार माह से है यह दिक्कत एम्स में कनेक्टिविटी आए दिन कमजोर होने व गायब हो जाने की समस्या लगभग चार माह से है। इस समय एम्स की लगभग तीन हजार की ओपीडी है। मरीजों की संख्या ज्यादा होने और कनेक्टिविटी आए दिन खराब होने के चलते एम्स प्रशासन के सामने मुश्किल खड़ी हो जा रही है।
सबसे ज्यादा समस्या ओपीडी कर्मचारियों के सामने होती है, जिनके सामने बड़ी संख्या में मरीज खड़े होते हैं। अक्सर खराब हो जाती है कनेक्टिविटी एम्स के डिप्टी डायरेक्टर एनआर विश्नोई का कहना है कि कनेक्टिविटी न होने से मरीज व कर्मचारी दोनों के सामने समस्या आ जाती है। यह अति महत्वपूर्ण संस्थान है। कई बार बीएसएनएल से इसकी कनेक्टिविटी ठीक रखने के लिए अनुरोध किया गया, लेकिन अक्सर खराब हो जाती है।