गोरखपुर, जागरण संवाददाता : जिले में कौशल विकास मिशन की धीमी प्रगति एवं बैठक से अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) के प्रधानाचार्य का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से भ्रमण करें और ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ संवाद करते हुए स्थानीय समस्याओं का निराकरण करें। बैठक में सभी संबंधित अधिकारी जरूर उपस्थित हों।

बजट की मांग कर विभाग बिजली बिल का करें भुगतान

विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों में बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया, वे विभाग बजट की मांग कर बिल भुगतान करें। पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों के बकाया बिजली बिल का भुगतान ग्राम प्रधान करेंगे। निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा के दौरान दो मामले जल निगम में लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मामलों का निस्तारण प्रमुखता से किया जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए जल्द से जल्द कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।

किसान सम्मान निधि, मनरेगा, मिड डे मील, आवास योजना की होगी सोशल आडिट

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने प्रधानमंत्री किसान सम्माान निधि योजना, मनरेगा, मिड डे मील, आवास योजना का सोशल आडिट कराने का निर्देश दिया है। इस कार्य में 100 अधिकारियों को लगाया जाएगा। अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि वरासत के मामलों को अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए। एक सप्ताह के भीतर प्रधानों की कार्यशाला करायी जाए। सभी विभाग कार्यशाला में अपना प्रस्तुतीकरण देंगे।

बाढ़ से क्षतिग्रस्त संपत्तियों का तैयार होगा प्रस्ताव

जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि बाढ़ से जिन विभागों की संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं, उसका प्रस्ताव जल्द से जल्द प्रस्तुत किया जाए। पोषण मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण एक बड़ी समस्या है। इसकी एक कार्यशाला आयोजित की जाए।

Edited By: Rahul Srivastava