यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Election 2022: देवरिया में बोले पीएम नरेन्द्र मोदी, यूपी में परिवारवादियों और राष्ट्रभक्तों के बीच लड़ाई
Prime Minister Narendra Modi In Deoria देवरिया में आयोजित चुनावी सभा में पीएम नरेन्द्र मोदी समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना ...और पढ़ें

देवरिया, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यूपी की लड़ाई परिवारवादियों व राष्ट्रभक्तों के बीच है। देवरिया में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यूपी में इस बार घोर परिवारवादयिों व घनघोर राष्ट्रभक्तों के बीच लड़ाई हो रही है। इस चुनाव में परिरवावादियों के खिलाफ दलित, शोषित, पीडि़त सब एक हैं। सभी ने उन्हें पटकनी देने की ठान ली है। इन परिवारवादियों ने गरीबों पर जितना अत्याचार किया उसे जनता कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा कि पाचवें चरण में भी एनडीए को जमकर वोट मिल रहा है। इस बार हर तरफ एक ही गूंज है- आएगी तो भाजपा ही, आएंगे तो योगी ही। कहा कि घोर परिवारवादियों ने सिर्फ अपनी जरूरतों पर ही ध्यान दिया।
भोजपुरी से की भाषण की शुरुआत
पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत भोजपुरी से की। उन्होंने कहा, रउवा सबके राम-राम। देउरहवा बाबा के धरती, देवरिया के प्रणाम करत बानीं। तरकुलही देवी का अपार आर्शीवाद है। यह धरती महायोगी महायोगी देवरहा बाबा की तपोस्थली व बाबा राघवदास की कर्मस्थली रही है। यहां पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की समाधि है। देवरिया के लोग पहले गोरखपुर इलाज को जाते थे। पहले की सरकारों ने आपकी जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया। दिमागी बुखार से मासूम बच्चों की मौत होती थी। लेकिन स्थिति को सुधारने को इन्होंने कुछ नहीं किया। योगी के प्रयास से दिमागी बुखार काबू में आया और बच्चों की जान बच रही है।
उन्होंने आपकी जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया
उन्होंने कहा कि देवरिया का मेडिकल कालेज पहले भी बन सकता था लेकिन आप लोग कभी इन घोर परिवारवादियों की प्रमुखता में थे ही नहीं। हमने गरीब से गरीब को पांच लाख तक की मुफ्त इलाज की सुविधा दी है। हमने पूरे प्रदेश में 18 नए मेडिकल कालेज बनाए, बीस पर काम चल रहा है। गारेखपुर एम्स से आपको राहत मिली है। आप अपनी ही भाषा पढ़ाई कर पाएंगे।
गरीबों को वैक्सीनेशन के खिलाफ भड़काते रहे
पीएम ने कहा कि जब देश महामारी के संकट से गुजर रहा था। जनता भय में थी, उस समय दिलासा और सहानभूति की जरूरत थी। उस घड़ी में विपक्ष का भी दायित्व था कि वह साथ देता, दिलासा देता लेकिन वह गरीबों को डराता रहा। उनकी चिंता बढ़ाता रहा। गरीब को वैक्सीन के खिलाफ़ भड़काता रहा। लेकिन केंद्र और प्रदेश की सरकार को चिंता थी। अनुसूचित, पिछड़ा, सामान्य सभी वर्ग के 15 करोड़ परिवारों को राशन देना शुरू किया।
