गोरखपुर, जेएनएन। सब्जी के साथ-साथ फुटकर बाजार में फल भी बहुत सस्ते हो गए हैं। निर्यात-आयात संबंधी देश-दुनिया में बंदिशें जैसी वजहों से मांग बेहद कम है। संतरा 35 रुपये किलो तो हमेशा 30 रुपये के ऊपर रहे वाला कीवी महज 14 रुपये पीस मिल रहा है। इसके बावजूद विक्रेताओं को ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। नियमित ग्राहकों ने भी दूरी बना ली है। कारोबारियों के मुताबिक, लोग सर्दी के सीजन वाले फलों से भी परहेज कर रहे हैं इसलिए सस्ता होने के बावजूद फलों के बिक्री आम दिनों के मुकाबले काफी कम है।

पचास फीसद कम हुई फलों की बिक्री

महेवा मंडी पूर्वी उत्तर की फल की सबसे बड़ी मंडी है। प्रतिदिन मंडी में संतरा, पपीता, मौसमी, सेब, अनार, किनू, अंगूर और केला की 16 से ज्यादा गाडिय़ां विभिन्न प्रदेशों से आती हैं। बावजूद इसके फलों की बिक्री आम दिनों के मुकाबले पचास फीसद तक गिरावट आई है। कश्मीर से आने वाले सेब, अनार और अंगूर को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश फल 60 रुपये प्रति किलो के नीचे बिक रहा है। 30 रुपये दर्जन बिक रहे केला के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। शाम के वक्त फल विक्रेताओं को उसे औने-पौने भाव बेचना पड़ रहा है। बेतियाहाता में फल विक्रेता संतोष कुमार ने बताया कि हर तरह के फल मौजूद हैं, लेकिन बाजार में खरीदार नहीं है। सेब, संतरा, अमरुद और किनू को छोड़कर दूसरे फल न के बराबर बिक रहे है। ठंड कम होने तक फल बाजार में तेजी की उम्मीद नहीं है। फलों के थोक विक्रेता मोहम्मद रमीज ने बताया कि इस संतरा, किनू, पपीता, अमरूद और किवी की भरपूर पैदावार हुई है। माल न बिकने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। गली-मोहल्लों में ठेले पर फल बेचने वाले भी माल नहीं उठा रहे हैं।

एक नजर आंकड़ों पर (प्रतिकिलो रुपये में)

फल          थोक भाव        फुटकर

संतरा       20-25          25-35

पपीता      10-15          20-25

सेब          75-80          100-120

मौसंबी     25-30           35-40

किनू        16-20           25-30

अनार       55-60          70-80

अंगूर       60-65           75-80

Edited By: Pradeep Srivastava