गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कुशीनगर में बरवापट्टी थाना क्षेत्र के अमवादीगर गांव के 50 वर्षीय चनेसर की माली हालत खराब होने के चलते 2012 में तत्कालीन डीएम रिग्जियान सैंफिल के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने दो डिसमिल भूमि का पट्टा आवंटित कर दिया। लेकिन नौ वर्षों में चनेसर उक्त भूमि पर काबिज नहीं पा सका। कुनबे के साथ 12 वर्षो से बंधे पर प्लास्टिक तान कर रहने को मजबूर है।

कब्‍जा पाने के लिए लगा रहा था अधिकारियों का चक्‍कर

वह कब्जा के लिए प्रशासन का चक्कर लगाता रहा। इसी बीच उसका बड़ा भाई खेदन पांच माह पूर्व पट्टे की जमीन के कुछ दूरी पर अपना नींव चलवाने लगा। चनेसर ने विरोध करते हुए बरवापट्टी पुलिस से शिकायत की थी, पुलिस पहुंची तो मामला तब बिगड़ गया जब चनेसर पट्टे की जमीन के अलावा पुस्तैनी जमीन में भी हिस्सा मांगने लगा था। वह गांव के बाहर एक पेड़ पर चढ़ कर आत्‍महत्‍या करने लेने की धमकी देने लगा।

पैमाइश कर जमीन पर काबिज कराने के आश्‍वासन के बाद उतरा नीचे

तत्कालीन एसडीएम ने मौके पर मौजूद हल्का लेखपाल सुरेंद्र सिंह को बुलाया और किसी दूसरे जगह नया पट्टा दिलाने की बात पर माना। अबतक पट्टे की जमीन पर फिर काबिज नही हो पाया। जिसके चलते 25 नवंबर की शाम चार बजे आत्महत्या करने की नीयत से फिर पेड़ पर चढ़कर अपनी पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलवाने की मांग करने लगा। थानाध्यक्ष व हल्का लेखपाल द्वारा शुक्रवार को पैमाइश कर जमीन पर कब्जा दिलवाने का आश्वासन देकर पेड़ से नीचे उतरवाया।

आत्मदाह की धमकी देने वाली महिला से मिले अधिकारी

अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के गांव रामपुर माफी निवासी शारदा देवी द्वारा 26 नवंबर को आत्मदाह की धमकी का संज्ञान लेकर 25 नवंबर को पहुंचे कप्तानगंज तहसीलदार ने समस्या का समाधान शीघ्र कराने का आश्वासन देकर महिला को शांत कराया, तब जाकर वह मानी। महिला का गांव के कुछ लोगों से भूमि विवाद है, जिसका अधिकारियों के यहां चक्कर लगाने के बाद समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उसने रजिस्टर्ड डाक से सीएम समेत सभी उच्चाधिकारियों को पत्र भेज समाधान न होने पर आत्मदाह करने की धमकी दी थी। तहसीलदार के आश्वासन के बाद अहिरौली बाजार थाने पहुंची महिला ने थानाध्यक्ष विवेकानंद यादव को आत्मदाह स्थगित करने का एक लिखित पत्र सौंपा। पीड़िता ने मुझे सोमवार को तहसीलदार द्वारा बुलाया गया है। एसडीम कप्तानगंज के कल्पना जायसवाल ने बताया कि विधिक प्रक्रिया के तहत महिला की मदद की जाएगी।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi