गोरखपुर, जेएनएन। सुबह सबेरे टहलने निकले लोगों के पास अचानक जब खाकी वर्दीधारी पहुंचते हैं, तो लोगों के मन में यह ही आशंका उपजती है कि किसी घटना को लेकर पूछताछ या टोकाटोकी होगी। लेकिन, पुलिस आम शहरियों की ऐसी आशंका को निर्मूल कर रही है। मार्निंग वाक पर निकले लोगों के पास पहुंचकर पुलिस जब उन्हें 'गुड मार्निंग' कहकर खैर-खबर ले रही है तो मार्निंग वाकर्स के ठिठके लब, मुस्कान का रूप ले ले रहे हैं। पुलिस की गुड मार्निंग के साथ हालचाल पूछने पर पर लोग मुस्कुराते हुए बोल उठते हैं-फाइन, थैंक्यू। पुलिस से मिल रही 'सलामी' जहां लोगों को सुकून का एहसास करा रही है तो इसके प्रतिफल में पुलिस की शोहरत में इजाफा हो रहा है।

बांदा पुलिस द्वारा शुरू की गई 'गुड मार्निंग' को अच्‍छी शोहरत मिल रही है। इसी तर्ज पर गोरखपुर की पुलिस ने भी 'सलाम' ठोकने की शुरुआत कर दी है। एसएसपी के निर्देश पर थानेदार व चौकी प्रभारी सुबह टहल रहे आम नागरिकों से खैर-खबर लेते नजर आ रहे हैं।

'गुड मार्निंग' अभियान का उद्देश्य आम जनमानस से पुलिस का सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि पुलिस के लोगों का विश्वास बढ़े। इसकी शुरुआत सबसे पहले बांदा के पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने की थी। अभियान पसंद आने पर प्रमुख सचिव गृह ने इसकी तारीफ करते हुए प्रदेश के सभी पुलिस कप्तानों को इसे अपने जिले में शुरू करने का निर्देश दिया है।

जुड़ाव को मजबूत करना है मकसद : एसएसपी

जिले के पुलिस अधिकारियों संग हुई बैठक में इस योजना का खाका खींचा गया। इसके क्रियान्वयन के भी निर्देश दिए गए है। जिसका मकसद लोगों के साथ पुलिस के जुड़ाव को मजबूत करना है। उन्हें यह अहसास दिलाना है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए है और इसके लिए उन्हें भी पुलिस का सहयोग करना पड़ेगा। इसी के तहत 'गुड मार्निंग' गोरखपुर पुलिस योजना लागू की गई है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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