गोरखपुर, जेएनएन। देवरिया जिले में लूट, हत्या, छिनैती, हत्या के प्रयास जैसे जघन्य वारदात को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने वाले इनामी बदमाश पकड़ से दूर हैं। शहर में स्वर्ण कारोबारी को गोली मारकर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले 50 हजार के इनामी मृत्युंजय ¨सह की पुलिस परछाई तक नहीं छू पाई। एक आंकड़े के मुताबिक जिले में ढाई सौ से अधिक वांछित बदमाश पुलिस पकड़ से दूर हैं। आधी रात को वायरलेस सेट पर थानेदारों को टारगेट देने वाले एसपी का आदेश भी बेअसर दिख रहा है।

ये हैं इनामी बदमाश

कोतवाली के सरौरा ट्रिपल मर्डर में आरोपित रुद्रपुर के जोकहा खास निवासी अजीत उर्फ गोल्डन पांडेय और अमित उर्फ सन्नी पांडेय डेढ़ वर्ष से फरार हैं। दोनों भाइयों के अलावा हत्या में वांछित लार के धरहरा निवासी संवरू भी फरार है। तीनों अपराधियों पर दस-दस हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया जा चुका है। सिपाही को धक्का देकर कचहरी से फरार विचाराधीन बंदी भाटपाररानी के छोटका गांव निवासी जयराम गोंड, बस मालिक हत्याकांड में आरोपित गौरा निवासी अश्वनी राय और अमित मिश्र हत्याकांड में आरोपित बनकटा के भुड़वार निवासी अखिलेश पांडेय 25-25 हजार रुपये के इनामी हैं। स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच भी गिरफ्तारी में जुटी है। तीन महीने में आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और पुलिस हाथ मलती रह गई। लेकिन उक्त बदमाशों तक पुलिस के हाथ किन कारणों से नहीं पहुंच पा रहे हैं, यह चिंता का विषय बना हुआ है। आश्चर्यजनक बात यह है कि यह अपराधी गाहे-बेगाहे अपने घर एवं रिश्तेदारी में दिखाई भी पड़ते रहते हैं। बावजूद इसके पुलिस कुछ भी नहीं कर पा रही है।

अभी की जा रही निगरानी

देवरिया जिले के पुलिस अधीक्षक एन.कोलांची का इस संबंध में कहना है कि इनामी बदमाशों की निगरानी की जा रही है। पुलिस वांछितों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। फोर्स की कमी के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है।

Posted By: Jagran

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