महराजगंज : अफसरों की अनदेखी के कारण गंडक नहर दूषित हो रही है। नालियों का पानी नहर में ही गिराया जा रहा है, जिससे इसका पानी पीने से जीव-जंतु असमय काल के गाल में समा रहे हैं। वहीं फसल भी बर्बाद हो रही है। इससे यह साबित हो रहा है कि नालियों के पानी से नहर में जहर घुल रहा है।

नेपाल के गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज से निकलने वाली गंडक प्रणाली की नहर झुलनीपुर में भारतीय सीमा में प्रवेश करती है। यहीं से यह दो प्रमुख शाखाओं में बंट जाती है। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर सीधे कुशीनगर और देवरियां ब्रांच की नहर निचलौल होते हुए आगे निकल जाती है। इसके बाद इन नहरों से कई शाखाएं निकली हैं। निचलौल नगर की छह बड़ी नालियों का पानी इन दिनों नहर में गिराया जा रहा है।

नहर के पानी से निचलौल, कपरौली, बहरौली, कपिया, बुढाडीह, कोहड़वल, सेखुई, औराटार, रौतार, गनेशपुर व चंदनपुर आदि गांवों में खेतों की सिचाई होती है। इसके अलावा मधवलिया वन क्षेत्र के पशु भी प्यास बुझाने आते हैं। टिकुलहियां रोड से मंडी रोड के बीच छह नालियों का पानी नहर में गिर रहा है। इससे हर साल हजारों एकड़ कृषि भूमि को सींच कर फसलों को लहलहाने वाली नहर खुद गंदगी से पट गई है।

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नगर पंचायत द्वारा नाली का पानी गिराने की जानकारी मिली हैं। शीघ्र नोटिस देकर नाली का पानी बहाने से रोका जाएगा।

विनोद वर्मा, अधि. अभियंता)

सिंचाई खंड प्रथम

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दो जगह का चार्ज होने के कारण पूरी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हो रहा होगा तो उसका उपाय किया जाएगा।

देवेन्द्र मणि

अधि. अधिकारी नपं.्र

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