गोरखपुर, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 अक्टूबर को गोरखपुर आ सकते हैं। वह हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के खाद कारखाना के साथ ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी जा सकते हैं। वह खाद कारखाना परिसर में जनसभा को संबोधित करेंगे। 

खाद कारखाना परिसर में कर सकते हैं जनसभा, पांच साल में तीसरी जनसभा होगी

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर डीएम विजय किरन आनन्द ने खाद कारखाना परिसर में बैठक की। बैठक में प्रशासन के साथ ही पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, बिजली निगम आदि विभागों के अफसरों को भी बुलाया गया था। बैठक के बारे में कोई भी अफसर कुछ बताने से बचता रहा लेकिन संकेत यही दिए गए हैं कि अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में प्रधानमंत्री गोरखपुर आएंगे। इसके मद्देनजर तैयारियां समय से पूरी कर लेनी है। जुलाई 2016 में खाद कारखाना का शिलान्यास करने आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव का यहीं से बिगुल फूंका था। वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले वर्ष 2018 में पीएम मोदी खाद कारखाना के मैदान में आए थे।

करोड़ों की योजनाओं की मिल सकती है सौगात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों खाद कारखाना और एम्स मिलने के साथ ही पूर्वांचल के नागरिकों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की भी सौगात मिल सकती है। इसके लिए प्रशासन तैयारियों में जुट गया है।

कोरोना संक्रमण के कारण हुई देर

खाद कारखाना का लोकार्पण इसी साल फरवरी महीने में होना तय था लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण देर हुई। इसके बाद जुलाई में लोकार्पण की तैयारी थी लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण फिर काम रुक गया। अब अक्टूबर में नीम कोटेड यूरिया के उत्पादन के लिए खाद कारखाना तैयार हो रहा है। डीमिनरलाइज्ड प्लांट को छोड़कर अन्य सभी कार्य तकरीबन पूरे हो चुके हैं। मशीनों का ट्रायल भी तेजी से चल रहा है।

फैक्ट फाइल

शिलान्यास - 22 जुलाई 2016

शिलान्यास किया- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने

कार्यदायी संस्था - टोयो जापान

कुल बजट - 8000 करोड़

यूरिया प्रकार - नीम कोटेड

प्रीलिंग टावर - 149.5 मीटर ऊंचा

शुरू होने की तिथि - अक्टूबर 2021

रबर डैम का बजट- 28 करोड़

रोजगार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष - 10 हजार।

Edited By: Pradeep Srivastava