गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में प्लास्टिक पार्क की गाड़ी तेजी से दौड़ाने की कवायद शुरू हो गई है। केंद्रीय टीम के सर्वे के बाद अब गीडा प्रशासन डिमांड सर्वे करेगा। यानी उद्यमियों से जमीन, यूनिट के प्रकार, निवेश और रोजगार सृजन की जानकारी ली जाएगी। इसके लिए गीडा प्रशासन चैंबर आफ इंडस्ट्रीज की मदद लेगा। डिमांड सर्वे के बार जमीन, निवेश और रोजगार से जुड़ी सभी जानकारी गीडा प्रशासन के पास उपलब्ध रहेगी।

जमीन, निवेश और रोजगार पैदा करने की जानकारी देनी होगी

गीडा में प्लास्टिक पार्क की संभावनाओं की तलाश के लिए केंद्र सरकार की टीम पिछले सप्ताह गीडा आयी थी। टीम ने गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पवन अग्रवाल और उद्यमियों के साथ बैठक की थी। उद्यमियों ने बताया था कि गीडा में प्लास्टिक पार्क की स्थापना होने से न सिर्फ निवेश आएगा वरन रोजगार के भी अवसर बहुत बढ़ेंगे। उद्यमियों ने कालेसर के पास की जमीन को प्लास्टिक पार्क के लिए उपयुक्त बताया था। केंद्रीय टीम ने प्लास्टिक पार्क की संभावनाओं के मद्देनजर प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों का भी निरीक्षण किया था।

जमीन के साथ ही सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी

चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के पूर्व उपाध्यक्ष एसके अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक पार्क के लिए डिमांड सर्वे में उद्यमी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। सस्ती जमीन सबसे बड़ी आवश्यकता है। सरकार को जमीन के साथ ही सुविधाओं पर भी ध्यान देना होगा। सरकार की नीतियां उद्योगों के लिए बहुत अच्‍छी हैं लेकिन इसका लाभ उद्यमियों को नहीं मिल पा रहा है।

रेडीमेड गारमेंट पार्क को जमीन का इंतजार

रेडीमेड गारमेंट पार्क के लिए जमीन मिलने का उद्यमी इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल दिसंबर महीने में तकरीबन 150 उद्यमियों ने 75 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश का प्रस्ताव दिया था। चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने कहा कि जितनी जल्दी जमीन मिलेगी, उतनी ही तेजी से निवेश शुरू हो जाएगा। 

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