गोरखपुर, जेएनएन। राज्य चीनी निगम लिमिटेड की पिपराइच चीनी मिल ने सिर्फ तीन माह में 16.30 करोड़ रुपये की बिजली पैदा की है। चीनी मिल ने बिजली उत्पादन से 10.13 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय की है। इसके अलावा 6.16 करोड़ रुपये की बिजली का खुद उपयोग किया है।

362.28 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया

चीनी मिल ने को-जनरेशन प्लांट (टर्बाइन या मिल में लगा बिजली तैयार करने का संयंत्र) से तीन करोड़ 62 लाख 28000 यूनिट अर्थात 362.28 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया है। यह बिजली ग्रीड के जरिए बिजली पॉवर कॉरपोरेशन को बेची जा रही है। चीनी मिल ने तीन माह में 2.25 करोड़ यूनिट बिजली पॉवर कॉरपोरेशन को बेची है। 1.35 करोड़ यूनिट बिजली का खुद उपयोग किया है।

17 नवंबर को हुई थी मिल की शुरुआत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत 17 नवंबर को चीनी मिल के प्रथम पेराई सत्र का उद्घाटन किया था। पेराई सत्र का संचालन 28 नवंबर से शुरू हुआ। मिल ने अब तक 37 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई की है। मिल द्वारा अभी 20 क्विंटल से अधिक गन्ना पेरे जाने की संभावना है।

ऐसे तैयार होती है बिजली

गन्ना पेराई के बाद उसकी खोई (बगास) का बड़ा हिस्सा मिल में लगे बॉयलर में जला कर भाप बनाया जाता है। इससे टरबाइन चलती है। टरबाइन से जुड़ा इलेक्ट्रिकल जनरेटर चलता, इससे बिजली तैयार होती है। बिजली पैदा करने की इस प्रक्रिया को सह उत्पादन कहते हैं।

प्रति घंटे 27 मेगावाट बिजली तैयार करने की है क्षमता

चीनी मिल में स्थापित को जनरेशन प्लांट से प्रतिघंटे 27 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकती है। वर्तमान में 24 से 25 मेगावाट प्रतिघंटे बिजली तैयार हो रही है। इसमें से सात मेगावाट प्रति घंटे बिजली का उपयोग मिल में ही हो रहा है। रोजाना तीन लाख 84000 यूनिट पॉवर कॉरपोरेशन को बेची जा रही है। - जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, प्रधान प्रबंधक पिपराइच चीनी मिल।

चीनी मिल ने तीन माह में 16 करोड़ से अधिक धनराशि की बिजली तैयार की गई है। इसमें 10 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली बेंची भी गई है। यह चीनी मिल की अतिरिक्त आय है। - अजय कुमार श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता चीनी मिल।

Posted By: Pradeep Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस