गोरखपुर, जेएनएन। देवरिया के विकास भवन परिसर स्थित सीतापुर आंख अस्पताल खाली कराने का मामला तूल पकडऩे लगा है। बुधवार को डा. एके कटियार ने अपने कर्मचारियों के साथ मिट्टी का तेल उड़ेल लिया। उसके बाद अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

ये था मामला

अस्पताल में चिकित्सक व कर्मियों द्वारा मिट्टी का तेल डालने की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग पहुंच गए। चिकित्सक व कर्मी परिसर में बैठ गए। करीब एक घंटे के बाद घटना स्थल पर प्रभारी निरीक्षक टीजे सिंह मयफोर्स पहुंचे और उन्‍होंने डाक्‍टर से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद एडीएम प्रशासन राकेश कुमार पटेल भी विकास भवन पहुंचे और सीडीओ से इस मामले में वार्ता कर चिकित्सक को समझाया।

चिकित्सक डा.कटियार के अनुसार सुबह करीब दस बजे विकास भवन के नाजिर से आवास खाली करने के लिए फोन पर कहा कि तुरंत आवास खाली कर दीजिए। इसके बाद अन्य अधिकारी भी दबाव बनाने लगे।

प्रशासन कर रहा उत्पीडऩ

डा. कटियार का आरोप है कि क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए आवास छोड़कर सभी भवन को खाली दिया हूं। जिला विकास अधिकारी मंगलवार की शाम को तहसीलदार को लेकर आए और कहा कि आवास खाली कर दीजिए। अब आवास खाली कर परिवार सहित कर्मचारियों को लेकर कहां जा सकते हैं। यह सीधा उत्पीडऩ है। प्रशासन ने उत्पीडऩ बंद नहीं किया तो परिवार व कर्मचारियों के साथ आत्मदाह करने को तैयार था।

जिला विकास अधिकारी ने कहा-आरोप गलत

जिला विकास अधिकारी श्रीकृष्ण पांडेय ने कहा कि डीएम से क्वारंटाइन के लिए अस्पताल के आवास को खाली करने के लिए कहा है। तहसीलदार आए थे। उन्होंने खाली करने के लिए कहा। मुझसे कोई बात ही नहीं हुई है।

किसी का आवास खाली कराने को नहीं कहा गया

जिलाधिकारी अमित किशोन का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए एहतियात के तौर पर कोविड अस्पताल के लिए सीतापुर आंख अस्पताल के भवन व भूमि का अधिग्रहण किया गया है। किसी का आवास खाली नहीं कराया गया है।

यह है विवाद

विकास भवन परिसर 5.62 एकड़ में है। जिसमें सीतापुर आंख अस्पताल भी है। विकास भवन और सीतापुर आंख अस्पताल के चिकित्सक के बीच काफी दिनो से न्यायालय में वाद चल रहा है। मामला अभी हाईकोर्ट में है। 

Posted By: Satish Shukla

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